हस्तिनापुर। कस्बे के जंबूद्वीप तीर्थ के समीप भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के जलज प्रोजेक्ट के अंतर्गत जलज तालकेतु केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र का उद्घाटन दिगंबर जैन त्रिलोक शोध संस्थान के प्रबंधक राजेश जैन ने किया। इस अवसर पर गंगा संरक्षण और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रोजेक्ट असिस्टेंट पंकज कुमार ने बताया कि भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय और नमामि गंगे परियोजना के सहयोग से भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा जलज प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत गंगा किनारे विभिन्न स्थानों पर जलज तालकेतु केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गंगा किनारे रहने वाले गंगा प्रहरियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जलज केंद्र के माध्यम से गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय महिलाएं और पुरुष आत्मनिर्भर बन सकेंगे। साथ ही गंगा नदी और उसमें निवास करने वाले जलीय जीवों के संरक्षण की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। कार्यक्रम में गांव भीकुंड और चेतावाला के गंगा प्रहरियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर प्रोजेक्ट एसोसिएट अंकित नेगी, फील्ड असिस्टेंट सचिन कुमार अन्य उपस्थित रहे।