.. साकेत में महिला मंडल ने नाटिकाओं से प्रभु भक्ति और त्याग का किया सुंदर चित्रण
.. शहर में विभिन्न मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा, निर्वाण लाडू और धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
दस लक्षण महापर्व के चौथे दिन शनिवार को शहर के विभिन्न दिगंबर जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिरों में भगवान श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, विधान और पूजन हुआ। श्रद्धालुओं को लोभ और तृष्णा का त्याग कर मन की शुद्धता एवं आत्मिक पवित्रता अपनाने का संदेश दिया गया। कई मंदिरों में भगवान पुष्पदंतनाथ के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर निर्वाण लाडू भी अर्पित किए गए।
श्री दिगंबर जैन मंदिर साकेत में महिला मंडल की ओर से नृत्य नाटिकाओं का आयोजन किया गया। महिलाओं ने प्रभु भक्ति, त्याग धर्म की महिमा और जैन धर्म के सिद्धांतों का भावपूर्ण चित्रण किया। डॉ. अनुपमा जैन ने धर्म की महिमा पर प्रकाश डाला। नाटिकाओं में अनीता जैन, स्वीटी जैन, संगीता जैन, प्रीति जैन, दिव्या जैन, आयुषी जैन, शिप्रा जैन, जैस्मिन जैन, करिश्मा जैन और ईशा जैन सहित महिला मंडल की सदस्यों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि मुकेश कुमार जैन शांति नगर रहे। नवीन जैन शीलकुंज, मनोज जैन डिफेंस कॉलोनी और मनु जैन विशिष्ट अतिथि रहे। स्वागत अध्यक्ष विशाल जैन तथा मुख्य संयोजक दिनेश कुमार जैन रहे।
आनंदपुरी दिगंबर जैन मंदिर में श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक और शांतिधारा की गई। अरुण जैन, अंशुल जैन, प्रभात जैन, चैतन्य जैन, ईशान जैन, श्रयांस जैन, अरिंजय जैन और अरिहंत जैन ने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। पुष्पदंतनाथ भगवान के निर्वाणोत्सव पर नौ-नौ किलो के दो और 51 किलो का सामूहिक निर्वाण लाडू अर्पित किया गया। विधानाचार्य पंडित नंदन शास्त्री के सानिध्य में पूजा, तत्त्वार्थ सूत्र विधान और 42 महाअर्घ्य अर्पित किए गए। शाम को शास्त्र सभा और श्री जिन धर्म पाठशाला के बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
असौड़ा हाउस स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में पंडित पलाश जैन शास्त्री ने कहा कि उत्तम शौच पवित्रता और संतोष का प्रतीक है। लोभ से इच्छाएं और इच्छाओं से तृष्णा बढ़ती है। लोभ के त्याग से आत्मिक शुद्धता आती है। शाम को 48 चांदी के दीपकों से भक्तामर दीप अर्चना की गई। इसके बाद भक्तांबर स्तोत्र पर आधारित खेल हुआ और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
फूलबाग कॉलोनी स्थित श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में उत्तम शौच धर्म की पूजा हुई। संजीव जैन, निमित जैन, अरुण जैन, मोहित जैन ने शांतिधारा की बोली ली। मंत्री नवीन जैन ने लोभ, कषाय के त्याग को उत्तम शौच धर्म का आधार बताया। रात में जैन मिलन महिला ज्योति की ओर से वीरांगना नीलम जैन के संयोजन में धार्मिक अंताक्षरी हुई।
डी-ब्लॉक शास्त्री नगर स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भगवान मुनि सुव्रतनाथ विधान कराया गया। पंडित प्रशांत जैन शास्त्री ने कहा कि शौच का अर्थ शुद्धता और पवित्रता है। लोभ व्यक्ति को क्रोध, मायाचारी और झूठ जैसे पापों की ओर ले जाता है। उत्तम शौच धर्म लोभ और लालच का त्याग कर आत्मा की शुद्धता अपनाने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर देवेंद्र कुमार जैन, नवीन कुमार जैन, राजेश जैन, अजय जैन, विकास जैन, अमित जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कमला नगर जैन मंदिर के 50 वर्ष पूर्ण होने और जीर्णोद्धार कार्य के बाद 15 से 20 अक्टूबर तक पंच दिवसीय नवीन वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव एवं स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित होगा। यह आयोजन जैनाचार्य 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के सानिध्य और पंडित संदीप जैन 'सजल' के निर्देशन में होगा।
वहीं, शास्त्रीनगर सेक्टर-2 स्थित श्री दिगंबर जैन पारसनाथ पंचायती मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा, पूजा और दस लक्षण विधान हुआ। शाम को विद्वान पंडित विवेक जैन शास्त्री ने प्रवचन में लोभ त्यागकर संतोष और आत्मशुद्धि का संदेश दिया। 48 रजत दीपों के साथ भक्तामर पाठ और धार्मिक तंबोला भी हुआ।