शिवालयों में गूंजे जयघोष, भक्तों ने किया जलाभिषेक
बहसूमा। मेरठ-पौडी राजमार्ग पर स्थित सिद्धपीठ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों ने बम-बम भोले के जयकारों के बीच भगवान आशुतोष को जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाने में लगे थे। मंदिर की कार्यकारी समिति के सदस्य हरजेंद्र सिंह ने बताया कि नीलकंठ, गोमुख व हरिद्वार से जलाभिषेक करने के लिए करीब दो हजार कांवड़ियों ने शिव चौदस का जलाभिषेक किया। इस मौके पर सतपाल गुर्जर, विजनपाल मलिक, लाखन सिंह, सुरेश कुमार, विकास बंसल आदि रहे। वहीं, कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर (बहारला महादेव) और राजा नैन सिंह द्वारा स्थापित शिव मंदिर में जलाभिषेक किया गया।
खीर का लगाया भोग
फलावदा। कस्बा सहित क्षेत्र में शिव मंदिरों पर महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में आरती की गई और शिव भक्तों ने शिवलिंग पर जल चढ़ाया। खीर का भोग लगाकर प्रसाद बांटा। कस्बे के शिव मंदिर पैड बाजार, हलवाई वाले कुएं के समीप शिव मंदिर सहित क्षेत्र के महलका आदि में भक्तों का मेला लगा रहा। पंडित नैन सिंह शर्मा ने बताया आज के दिन उपवास रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कैलाश कांबोज, सुदीप सैनी, हिमांशु शर्मा, सचिन, दीपू, राघव ठाकुर, सचिन सैनी आदि मौजूद रहे।
भोले के दर्शन कर मन्नत मांगी
हस्तिनापुर। पांडेश्वर महादेव मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। जयंती माता मंदिर में भी लोगों ने दर्शन कर मां से मन्नत मांगी। बृहस्पतिवार सुबह से ही प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर में कस्बा और क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। भक्तों ने मन्नत मांगी और अपने परिवार की सुख शांति की कामना की। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया।
शिव पार्वती का विवाह कराया
परीक्षितगढ़। गांधारी सरोवर शिवालय में अखिल विद्या समिति द्वारा भगवान शिव का महारूद्राभिषेक कर शिव पार्वती का विवाह कराया गया। पंडित राजेश प्रसाद गेरोला ने रूद्री पाठ किया। गोपेश्वर मंदिर, महादेव मंदिर, त्यागी धर्मशाला शिव मंदिर, आशेनाथ आश्रम शिव मंदिर, नवीन गुड़ मंडी शिव मंदिर, सुभाष चौक शिव मंदिर, रजबहे पर स्थित शिव मंदिर पर सैकड़ों शिव भक्तों ने हरिद्वार से गंगा जल लाकर शिव का जलाभिषेक किया। इस मौके पर कृष्ण गोपाल शर्मा, विष्णु अवतार रूहेला, पूनम रूहेला, स्वाति चौधरी, श्याम सिंह महलवार, सचिव सचिन त्यागी, राजेंद्र गुुर्जर, विकास त्यागी, अनुज त्यागी, मुन्नू शर्मा, नीरज गुर्जर आदि का सहयोग रहा। वहीं, आसिफाबाद स्थित प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर पर मेले का आयोजन किया गया। मवी, गावड़ा, दबथला, पूठी, अगवानपुर, सिखैड़ा, खाई खेड़ा, खटकी आदि मंदिरों में जलाभिषेक किया गया।
शिवभक्तों ने की पूजा
लावड़/दौराला। लावड़ के शिव बड़ा मंदिर, छोटा मंदिर, सब्जी मंडी स्थित शिव मंदिर में शिवभक्तों ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। उन्होंने भगवान शिव को बेल पत्थर के पत्ते, बेर आदि का प्रसाद चढ़ाया। दौराला के प्राचीन झारखंड़ेश्वरी मंदिर पर भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिरों में पुलिस बल तैनात रहा।
श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर में हवन यज्ञ हुआ
सरधना। झिटकरी मार्ग पर स्थित श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर हवन यज्ञ किया गया। मंदिर से भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में विधायक संगीत सोम शामिल हुए। शोभयात्रा में शिव पार्वती, हनुमान, गणेशजी की सुंदर झांकी निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ मुकेश कुमार सैनी व संजीव कुमार, सुशील कुमार प्रबंधक केके पब्लिक स्कूल ने किया। शोभायात्रा मोहल्ला चौक बाजार, भाटवाडा, तहसील रोड, पुलिस चौकी बस स्टैंड, गुजरान गेट, अशोक स्तंभ व गंज बाजार होते हुए वापस मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में सुशील कुमार, संजीव कुमार, बिनोद जैन, सूर्यदेव, पंकज जैन, नीरज जैन, मलखान सिंह सैनी, अतुल जैन, योगेश जैन, दीपक शर्मा, सुभाष वेद सभासद, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।
शिविलंग की स्थापना कर निकाली कलश यात्रा
सरधना। अटेरना गांव में महाशिवरात्रि के मौके पर पंचायती कुएं की भूमि पर हवन यज्ञ के साथ शिव मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। जिस जगह शिव मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है यहां विवाह शादी व अन्य धार्मिक संस्कार का आयोजन किया जाता है। इस मौके राज सिंह, सिपट्टर सिंह, अनिल कुुमार, श्याम गोपाल, महाराज सिंह, गंगा सिंह, जोगेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि सैकड़ों वर्षों से इस कुएं पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है, लेकिन मुख्य मार्ग के निकट होने पर किसी वाहन व बच्चों के गिरने के खतरे के चलते इसे बंद करा दिया गया। अभी भी लोग यहीं पूजा अर्चना करते हैं, जिसके चलते अब ग्रामीण इस जगह पर मंदिर निर्माण के साथ एक नल भी लगवाएंगे ताकि धार्मिक कार्यक्रम इसी जगह पर किए जाएं। उधर, कालंदी गांव में भी महाशिवरात्रि के मौके पर शिवलिंग की स्थापना की गई और गांव में कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें इस मौके पर विनोद कश्यप, पंकज वर्मा, ओमपाल, रामपाल आदि मौजूद रहे।
3.23 घंटे में डाक कांवड़ लेकर पहुंचे भक्त
जानीखुर्द। महाशिवरात्रि के अवसर पर युवाओं ने बृजघाट गंगा तट से गांव कुराली तक डाक कांवड़ से गंगाजल लाकर शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। युवाओं ने यात्रा तीन घंटे 23 मिनट में तय की। समाजसेवी मनोज चौहान कुराली ने डाक कांवड़ लाने वाले युवा शिवभक्तों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। डाक कांवड़ियों ने बताया कि वह डाक कांवड़ देश एवं विश्व शांति की कामना के लिए लाए हैं। डाक कांवड़ लाने वाले शिव भक्त भोलू, नीटू, सागर, सचिन, हरीश, शेखर, सुनील, विकास, राहुल, निखिल, अनुज, शिवम, नीशु, हरिओम, अभिषेक आदि रहे। वहीं, बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि के मौके पर जानी के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया तथा पूजा अर्चना कर घर में सुख समृद्धि की मंगल कामना की। रसूलपुर धौलड़ी, नेक, कुराली, सिवाल खास, टिमकिया, बाफर, गेझा आदि गांवों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
उपवास रखकर की पूजा अर्चना
मवाना। महाशिवरात्रि पर बड़ा महादेव शिव मंदिर सहित सभी शिवालयों पर सुबह से ही शिव भक्तों ने उपवास रखकर भगवान शिव की पूजा अर्चना की। वहीं हरिद्वार, ऋषिकेश आदि स्थानों से कांवड़ में जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस मौके पर मंदिर समिति द्वारा शिवभक्तों के ठहरने व खाने आदि की पूरी व्यवस्था की गई थी।
विधायक ने किया मेले का उद्घाटन
बहसूमा। सैफपुर फिरोजपुर स्थित सिद्धपीठ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर कांवड़ मेले का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक ने किया।
महाशिवरात्रि पर रखा व्रत
माछरा/मुंडाली। महाशिवरात्रि के पर्व पर क्षेत्र के मंदिरों में शिवभक्तों ने भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक किया तथा व्रत रखा। गांव माछरा, नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, अमरपुर, खंद्रावली, गोविंदपुरी, शोल्दा, रछौती, जिसोरा, भटीपुरा, मऊखास, नंगलामल, सिसौली आदि शिव मंदिरों में शिवभक्तों ने भगवान आशुतोष पर बेर, बेल पत्र आदि के साथ जलाभिषेक किया। कुछ शिवभक्तों ने गढ़मुक्तेश्वर ब्रजघाट से पवित्र गंगाजल कांवड़ में लाकर शिवमंदिरों में जलाभिषेक किया। इस दौरान बाबू, कमल, हिमांशु आदि ने हसनपुर कलां के मंदिर में जलाभिषेक किया।