मेरठ। रंगीन रोशनी, 16 मनमोहक झांकी और 150 से अधिक ठेलों से प्रसाद वितरण के बीच भगवान जगन्नाथ जी, वल्लभ जी और सुभद्रा जी 600 किलो चांदी के रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण को निकले। सदर विल्वेश्वर नाथ मंदिर से परंपरागत शोभायात्रा प्रारंभ हुई। जिसका छावनी सहित शहर मेें सत्तर से अधिक स्थानों पर स्वागत किया गया।
भगवान जगन्नाथ जी की यात्रा में सबसे आगे ताशा था। वहीं, झंडी बैनर के बाद गणेश जी का डोला देशी विदेशी फूलों से सजा था। मेरठ और आसपास के दर्जन भर बैंड यात्रा में धार्मिक और देशभक्ति के गीत प्रस्तुत करते चल रहे थे। अगुवाई में भगवान जगन्नाथ जी का डोला था। जिसमें भगवान जगन्नाथ जी, सुभद्रा जी और वल्लभ जी विराजमान थे। मुख्य डोले को सुगंधित फूलाें से सजाया गया था। शाम ढलते ही आकर्षक लाइटों से सभी भक्तों को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस बीच सभी भक्ति भाव से सराबोर हो गए। समिति की ओर से भगवान जगन्नाथ को पांच क्विंटल देसी घी और उड़द दाने का भोग लगाया गया। यात्रा में 150 से अधिक ठेले से दाल मोठ, फल, हलवा, पूड़ी, उड़द दाने, टॉफी, राजमा, चावल, छोले आदि का प्रसाद वितरित किया गया।
मंदिर में हुई विशेष पूजा अर्चना
भगवान जगन्नाथ जी की यात्रा से पूर्व मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। उद्घाटन अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने किया। मुख्य अतिथि कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, उपाध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ नीरज मित्तल रहे। भगवान के पूजन का सौभाग्य जय प्रकाश अग्रवाल, संजीव किशोर गुप्ता को प्राप्त हुआ। वहीं, मुख्य आरती सुनील वाधवा और बीना वाधवा उपाध्यक्ष छावनी परिषद् ने किया। स्वागताध्यक्ष अनिल जैन सभासद रहे।
ये रहे मौजूद
यात्रा में मुख्य रुप से राजीव खन्ना, संजय तायल, सुरेंद्र सिंधू, राजीव खन्ना, अतुल अग्रवाल, संजय गुप्ता, राजेंद्र वर्मा, जुगल किशोर, आलोक गोयल, मोहन लाल, अंकित गुप्ता, अजय जैन, दिनेश गुप्ता, विजय खन्ना, अशोक मित्तल, गणेश अग्रवाल, विवेक रस्तौगी, पवन गर्ग, विजय गोयल, अनिल बंसल, सचिन जैन, राममोहन शर्मा आदि का सहयोग रहा।
शताब्दी वर्ष में रखा कदम
शहर से परंपरागत निकलने वाली भगवान जगन्नाथ शोभयात्रा ने बृहस्पतिवार को 99 साल पूर्ण करते हुए शताब्दी वर्ष में कदम रखा। भगवान के प्रमुख सेवादार पंडित गणेश दत्त शर्मा ने बताया कि अगले साल शताब्दी वर्ष शोभायात्रा निकाली जाएगी।
1987 में निकली थी यादगार यात्रा
धार्मिक भावनाओं ओतप्रोत 1987 में भी परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा निकालना चाहते थे। हालांकि तब शहर के हालात को देखते हुए शोभायात्रा की अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे में शहर और आसपास के गांवों से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पर एकत्रित हो गए थे। गणेश दत्त शर्मा के अनुसार हंगामे लाठीचार्ज के बीच शोभायात्रा निकाली गई और परंपरा को निभाया गया था।
सत्तर स्थानों पर हुआ स्वागत
यात्रा का गंज बाजार, दाल मंडी में स्वागत किया गया। इस दौरान सतीश बंसल, समीर खुराना, अंकित गुप्ता रहे। वहीं, दाल मंडी में अनिल बंसल, पुलिस स्ट्रीट में अनुज, स्वाराज पथ पर गौरव गुप्ता, ढोलकी मोहल्ले में संजय, अर्पित ने प्रसाद वितरण किया। वहीं, चौक बाजार, आबूलेन, फव्वारा चौक आदि स्थानों पर भी यात्रा का भव्य स्वागत और पुष्प वर्षा की गई।