मेरठ में हैं 12 सीएचसी और 33 पीएचसी
मेरठ। ब्लॉक स्तर पर पब्लिक लैब बनाए जाने से बीमारियों पर अंकुश लगाना आसान होगा। वित्त मंत्री की घोषणा के बाद यह उम्मीद जगी है।
मेरठ में फिलहाल 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अतिरिक्त 26 अर्बन हेल्थ सेंटर हैं। कुछ स्थानों पर जांच की व्यवस्था है। बाकी स्थानों पर जांच की व्यवस्था हो जाएगी तो बीमारियों के फैलने पर अंकुश लगेगा।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि शहर के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर ऐसी सुविधाएं देने की आवश्यकता है। जिससे महामारी की स्थिति में लड़ने की क्षमता बढ़ सके। इसके लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाए जाने की जरूरत बताई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में वेलनेस सेंटरों को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी जिला स्तर के अस्पतालों में संक्रामक रोगों से लड़ने की व्यवस्था की जाएगी। लैब नेटवर्क मजबूत किए जाएंगे। आईएमए सचिव डॉ. नवीन शर्मा का कहना है कि टेस्टिंग किट्स बढ़ाया जाना और कोरोना वॉरियर्स, स्वास्थ्यकर्मियों को 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस दिया जाना भी अच्छा कदम है। पीपीई किट और एन 95 मास्क देश में बनाए जाने से काफी लाभ होगा। इन वस्तुओं के लिए भारत दूसरे देशों के भरोसे नहीं रहेगा।