हस्तिनापुर। वसंत पंचमी पर पतंग और रंगों से भरा आसमान इस बार खाली ही नजर आया। शुक्रवार सुबह से ही शुरू हुई बारिश ने वसंत पंचमी का त्योहार फीका कर दिया। पिछले कई दिनों से पतंग उड़ाने की तैयारी कर रहे बच्चों के अरमान अधूरे रह गए।
वसंत पंचमी का नाम आते ही आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें, छतों पर बच्चों की किलकारियां और बाजारों में रौनक की तस्वीर उभर आती है लेकिन इस बार वसंत पंचमी पर मौसम ऐसा बदला कि पतंगबाजी का पूरा उत्सव ही फीका पड़ गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर हुई बारिश ने पतंग उड़ाने की सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया।
पिछले कई दिनों से बच्चे वसंत पंचमी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। स्कूलों से लौटते ही छतों पर पतंग और मांझा संभाल कर रखते बच्चे इस आस में थे कि इस बार भी नीला आसमान उनका साथ देगा लेकिन बारिश के कारण न तो पतंगें उड़ीं और न ही बच्चों की उम्मीदें पूरी हो सकीं। गांव तारापुर निवासी अखिलेश, अर्पित, हस्तिनापुर के आकाश, लवकुश, आदि बच्चों ने बताया कि उन्होंने पहली बार अपनी पसंद की बड़ी पतंग खरीदी थी लेकिन बारिश के चलते वह छत पर ही नहीं निकल सके।
सबसे ज्यादा असर स्थानीय दुकानदारों पर पड़ा। ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में हर वर्ष वसंत पंचमी पर लाखों रुपये की पतंग और मांझे की बिक्री होती रही है। बाजारों में एक सप्ताह पहले से ही पतंगों की दुकानें सज जाती थीं। दुकानदार रवि, संदीप आदि का कहना है कि इस बार अच्छी बिक्री की पूरी उम्मीद थी लेकिन शुक्रवार को बारिश ने सभी के अरमान फीके कर दिए। दिनभर पतंग के लिए एक भी ग्राहक नहीं पहुंचा और जो आए भी वे बिना खरीदे लौट गए।
वसंत पंचमी पर अनुकूल माना जाता है मौसम
स्थानीय बुजुर्गों में चंद्रपाल, तेजपाल, ऋषिपाल आदि का कहना है कि वर्षों बाद ऐसा हुआ है जब वसंत पंचमी पर मौसम साफ नहीं रहा। आमतौर पर इस दिन हल्की ठंड के बीच साफ आसमान रहता है जो पतंग उड़ाने के लिए अनुकूल माना जाता है। इस बार अचानक हुई बारिश ने परंपरा को तोड़ दिया। हालांकि, लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मौसम जल्द साफ होगा और आने वाले दिनों में बच्चे फिर से छतों पर पतंग उड़ाने का आनंद ले सकेंगे। फिलहाल, बसंत पंचमी पर रंगों से भरा आसमान इस बार खाली ही नजर आया।
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बारिश और सर्दी ने बिगाड़ा जनजीवन, बाजारों में पसरा सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। दिनभर और रात तक रुक-रुक कर हुई बारिश से जहां एक ओर कड़ाके की ठंड का असर बढ़ गया, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता भी गहरा गई है। खराब मौसम के चलते तहसील मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
तेज सर्दी और बारिश के कारण लोग घरों में दुबके रहे। जो बाहर निकले, वह अलाव का सहारा लेते नजर आए। कई लोगों ने दिन का अधिकांश समय बिस्तर में ही गुजार दिया। मौसम की मार से किसान सबसे अधिक परेशान दिखे। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से सरसों, आलू, मटर और अरहर की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। करनावल के किसान राजकुमार, नंगला के पिंटू, छुर के बिनेश, प्रधान अशफाक और सोनू त्यागी ने बताया कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो गेहूं की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बारिश और बादल छाए रहने से ठंड में और इजाफा हो गया। लोग शॉल, कंबल और गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। आवश्यक कार्य होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले और काम निपटाते ही लौटते दिखाई दिए। बारिश के चलते नगर व ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह कीचड़ हो गया, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर फिसलन बढ़ने से बाइक, साइकिल और पैदल चलने वालों के गिरने का खतरा बना हुआ है।
बारिश और ठंड के बावजूद नगर में अलाव की व्यवस्था नहीं
सरधना। लगातार बारिश और सर्द हवाओं के चलते ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद नगरपालिका द्वारा प्रमुख चौराहों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। शुक्रवार को दिन में ही शीतलहर जैसी स्थिति बनी रही। सुबह से ही लोग गर्म कपड़ों में ढके नजर आए। ठंडी हवाओं से बचने के लिए व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर स्वयं अलाव ताकते दिखाई दिए। तापमान में गिरावट के साथ ठंड और बढ़ गई है। नगर वासियों का कहना है कि हर वर्ष सर्दी के मौसम में नगरपालिका द्वारा चौराहों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ी की व्यवस्था की जाती है, लेकिन इस बार अब तक अलाव की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे खासकर गरीब और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बसंत पंचमी पर हस्तिनापुर में हुई बारिश में छाता लगाकर जाता युवक ज्यादा स्रोत संवाद
बसंत पंचमी पर हस्तिनापुर में हुई बारिश में छाता लगाकर जाता युवक ज्यादा स्रोत संवाद
बसंत पंचमी पर हस्तिनापुर में हुई बारिश में छाता लगाकर जाता युवक ज्यादा स्रोत संवाद
बसंत पंचमी पर हस्तिनापुर में हुई बारिश में छाता लगाकर जाता युवक ज्यादा स्रोत संवाद