समय रहते संभलना जरूरी : प्रणम्य सागर मुनिराज
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 12वें दिन शनिवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
भक्तामर विधान पाठ में शनिवार को गुरुवर 108 प्रणम्य सागर मुनिराज ने कहा कि समय रहते संभलना जरूरी है। हम प्राय: कहते हैं कि हम समय काट रहे हैं। मगर यह भी याद रखना है कि तुम समय नहीं काट रहे, समय हर पल तुम्हें काट रहा है। हर बीतता हुआ समय तुम्हारी आयु घटा रहा है। इसलिए समय काटने से अच्छा है कि उसका सदुपयोग करो। समय को धर्म साधना में लगाकर सार्थक बनाएं।
स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य चमनलाल जैन को मिला। दीप प्रज्ज्वलन निशा जैन, उषा जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। देव-शास्त्र-गुरु व आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद तीर्थंकरों को 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 121 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। विधान का विसर्जन आशू जैन, रंजीता जैन व सिद्धि जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सलिल जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन अर्चना जैन मंजरी, चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन विजय कुमार जैन, संजय जैन ने किया।
अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, सतेंद्र कुमार जैन एडवोकेट, जीवेंद्र जैन, अजीत प्रसाद जैन, वीरेंद्र जैन एडवोकेट, अभय कुमार जैन का सहयोग रहा।