काष्ठकला के लिए मशहूर नगीना लोकसभा सुरक्षित सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. यशवंत सिंह, बसपा प्रत्याशी गिरीश कुमार और कांग्रेस की ओमवती के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। जातीय समीकरणों के पेच प्रत्याशियों के गणित को उलझा रहे हैं। मुद्दे पीछे छूट रहे हैं और ध्रुवीकरण की कोशिश हो रही है। सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन इस बार भाजपा को कड़ी चुनौती दे रहा है, तो गठबंधन के वोट बैंक में कांग्रेस प्रत्याशी सेंध लगाने की कोशिश कर रही हैं। इसके चलते मुकाबला काफी रोचक हो गया है।
2009 में बनी नगीना लोकसभा सुरक्षित सीट पर सपा के यशवीर सिंह धोबी जीते। 2014 में भाजपा के डॉ. यशवंत सिंह जीते। तब मोदी लहर थी और सपा, बसपा अलग-अलग लड़े थे। इस बार सपा, बसपा व रालोद एक साथ हैं। चुनाव से पहले हुए दलबदल ने भी यहां के समीकरण प्रभावित किए हैं। पिछली बार सपा से लड़े पूर्व सांसद यशवीर सिंह भाजपा में चले गए। पूर्व सांसद ओमवती भाजपा से कांग्रेस में आ गईं और प्रत्याशी हैं। बसपा ने 2014 में चुनाव लड़े गिरीश कुमार पर दांव खेला है।
भाजपा के यशवंत मोदी के नाम, एयर स्ट्राइक व ध्रुवीकरण के सहारे नैया पार करने में लगे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पार्टी के लिए वोट मांग चुके हैं। उनके लिए अपनों की ही नाराजगी दिक्कत पैदा कर सकती है। बसपा के गिरीश चंद गठबंधन के समीकरण के सहारे तो ओमवती पुरानी छवि व मुस्लिम, अनुसूचित जाति के वोटरों के सहारे मैदान में हैं।
ये विस शामिल
नगीना लोस क्षेत्र में नगीना, नूरपुर, नहटौर, नजीबाबाद व धामपुर विस सीटें शामिल हैं। नहटौर में ओमकुमार व धामपुर अशोक राणा भाजपा से विधायक हैं। नगीना सीट पर सपा के मनोज पारस, नूरपुर से सपा के नईमुल हसन व नजीबाबाद में सपा के तसलीम अहमद विधायक हैं। नूरपुर में 2017 में लोकेंद्र चौहान भाजपा से जीते थे। एक हादसे में मौत के बाद उपचुनाव में सपा के नईमुल हसन जीते।
वोटरों की राय है जुदा
गांव कश्मीरी में बस अड्डे पर चाय की दुकान पर चुनाव की चर्चा कर रहे सोम प्रकाश, गजेंद्र सिंह व कमल कुमार कहते हैं, चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फैक्टर असर डालेगा। मोहम्मद हनीफ कहते है कि वे प्रत्याशी को परख रहे हैं, जो जीतता लगेगा, उसी के साथ रहेंगे। आजम अली, इसरार अहमद और गजराज सिंह मोदी सरकार के कामों से नाखुश हंै। उनका मानना है कि गठबंधन प्रत्याशी के समीकरण इस बार मजबूत हैं। गांव पैजनिया के किसान शेखर त्यागी, गोविंद शर्मा, महेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, फकीरचंद पाल केंद्र में किसान हितैषी सरकार चाहते हैं। इनका कहना है कि जो सही लगेगा उसी को वोट देंगे। नहटौर के शेर सिंह सुनील कुमार, इरफाद अहमद कांग्रेस की घोषणाओं से प्रभावित हैं।