मेरठ। आयुष्मान भारत योजना में ‘फर्जीवाड़े’ का मुद्दा लोकसभा में भी गूंजा। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान आयुष्मान कार्डों में त्रुटियां ठीक किए जाने की मांग की।
सांसद ने लोकसभा में कहा कि आयुष्मान भारत योजना हमारे देश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और गरीबों के स्वास्थ्य बीमा कवर को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके माध्यम से अब तक 64 लाख लाभार्थियों को अस्पतालों से सीधा लाभ प्राप्त हुआ है। लेकिन एक बड़ी समस्या लाभार्थियों को जारी किए गए गोल्डन कार्ड में त्रुटियों को लेकर है। अब तक लगभग 10 करोड़ कार्ड लोगों को इस योजना के तहत जारी किए गए हैं, लेकिन इनमें से लगभग 20 प्रतिशत कार्डों में कुछ न कुछ गड़बड़ी जैसे नाम, जन्म तिथि, माता-पिता का नाम आदि पाई गई है। इन गलतियों को स्थानीय स्तर पर दूर करने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लाभार्थियों को जन सुविधा केंद्रों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिनमे कई बार महीनों लग जाते हैं। सांसद ने सभापति के माध्यम से सरकार से अनुरोध किया कि जिस तरह आधार कार्डों में सुधार के लिए ऑनलाइन व्यवस्था है, वैसे ही आयुष्मान भारत के कार्डों के लिए भी ऑनलाइन की व्यवस्था की जाए।