- वार्ता से पहले मांगों पर जवाब मांग रहे किसान, एक अक्तूबर को धरना स्थल पर होगी वार्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए दूसरे चरण में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में छतरी मोड़ पर चल रहा किसानों का धरना दो वर्ष बाद भी जारी है। करीब 800 किसानों की 292.79 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गई है। किसानों ने अब बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा समेत अन्य मांगें पूरी होने पर भूमि देने पर सहमति जताई है।
मंगलवार को क्षेत्रीय लेखपाल अंकित चौहान धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से सहमति पत्र भरने के लिए कहा, लेकिन किसानों ने साफ इन्कार कर दिया। लेखपाल ने किसानों को बताया कि जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति एक अक्तूबर को धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता करेगी। किसानों ने दो टूक कहा कि समिति पहले उनके मांग पत्र पर प्रशासन का जवाब लेकर आए।
गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना के दूसरे चरण में गांव गोविंदपुरी, खड़खड़ी और छतरी की करीब 292.79 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गई है। इसमें करीब 800 किसान प्रभावित हो रहे हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद किसानों ने विरोध शुरू किया था। किसान छतरी मोड़ पर पिछले दो वर्षों से लगातार धरनारत हैं।
जिला प्रशासन की ओर से किसानों से वार्ता कर उनकी मांगों और सहमति के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के लिए समिति गठित की गई थी। समिति को किसानों से बातचीत कर प्रशासन को अपनी रिपोर्ट देनी थी।
मंगलवार को धरनास्थल पर पहुंचे लेखपाल ने किसानों को बताया कि जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति एक अक्तूबर को धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता करेगी। किसानों ने लेखपाल के माध्यम से कहा कि समिति वार्ता के लिए आए तो किसानों की ओर से दिए गए मांग पत्र का जवाब लेकर आए।
किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को स्वीकार करता है तो वह आगे की प्रक्रिया पर बातचीत करने को तैयार हैं। यदि प्रशासन मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को ही निरस्त कर किसानों के बैनामे खोले जाए।
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोपाल सिंह ने कहा कि किसानों ने अपनी स्थिति प्रशासन के सामने पहले ही स्पष्ट कर दी है। किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा और मांग पत्र में शामिल अन्य मांगों पर ठोस जवाब चाहिए। धरना स्थल पर इंद्रमुनि त्यागी, लीलू नागर, राकेश त्यागी, मनोज त्यागी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
खरखौदा - धरना स्थल पर किसानों से वार्ता करते लेखपाल। स्रोत : संवाद