जिला ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक दवाओं के कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि ने स्थिति गंभीर बना दी है। एपीआई के दाम में बढ़ोतरी से सस्ती दवा बनाना मुश्किल हो गया है। दवा कंपनियां सरकार की तय कीमतों के तहत ही जरूरी दवाओं का उत्पादन करती हैं, लेकिन कच्चे माल के दाम बढ़ने के बावजूद दवाओं की कीमत बढ़ाना संभव नहीं है। ऐसे में उद्योगों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल रज्जन बताते हैं कि एपीआई के दाम अचानक बढ़ा दिए गए हैं। अगर इसी तरह कीमतों में वृद्धि जारी रही तो दवा उत्पादन प्रभावित होना तय है। रजनीश कौशल ने बताया कि 40 फीसदी तक दवाओं के दाम बढ़ गए हैं। उन्होंने चेताया कि आने वाले समय में जीवन रक्षक दवाओं की वैश्विक बाजार में कमी भी हो सकती है।
ऐसे बढ़ गई दवा की कीमतें
दवा कारोबारी आयुष ने बताया कि गले के इन्फेक्शन में काम आने वाले एजिथ्रोमाइसिन की तीन गोली 80 रुपये की थीं जो अब 98 रुपये की हो गई हैं। इसी तरह ग्लिसरीन की 100 ग्राम की शीशी के दाम 160 रुपये हो गए हैं। 10 गोली का पैरासिटामॉल का पत्ता आठ से बढ़कर 14 रुपये हो गया है।
मोंटेलूकास्ट सोडियम की 10 गोली का पत्ता 180 रुपये का था, जो अब 240 का हो गया है। दर्द निवारक डायक्लोफेनक सोडियम की 10 गोली 20 रुपये की थीं, जो अब 35 रुपये की हो गई है। ऐसे ही एंटीबायोटिक सिप्रोफ्लोक्सेसिन का 10 गोली का पत्ता 48 के बजाय 60 रुपये में मिलेगा। एंटीबायोटिक एमिकासिन का 10 गोली का पत्ता 113 से बढ़कर 140 रुपये का हो गया है।
एपीआई के पुराने और नए दाम
| दवा |
पुराना दाम |
नया दाम |
| अस्किलोफिनेक |
935 |
975 |
| पैरासिटामॉल |
255 |
310 |
| क्लोरोग्जोन |
710 |
880 |
| एमडीसी |
45 |
60 |
| मिथाइलकोबालामिन |
1.15 लाख |
1.35 लाख |
| पोटेशियम क्लैवुलनेट |
15000 |
17500 |
| प्लेन पॉली |
360 |
390 |
| बेस पॉली |
410 |
450 |
| पॉली बैग |
114 |
170 |
| पीवीसी |
112 |
150 |