नए साल पर आईएस दिल्ली में धमाका करने की फिराक में था। एनआईए को इनपुट मिला जिसको लेकर 26 दिसंबर को 17 जिलों में छापेमारी की। हापुड़ के वैठ गांव से सारिक, मेरठ से नईम और अमरोहा से सुहेल समेत दर्जनों संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया। सुरक्षा एजेंसियों ने इन संदिग्ध लोगों की कुंडली खंगाली जिसमें वेस्ट यूपी में आईएस के गहरे कनेक्शन की पुष्टि हुई।
वेस्ट यूपी में हथियार सप्लायरों से लेकर स्लीपिंग मॉड्यूल तक का जाल फैला हुआ है जिसके चलते आईएस की जड़ें वेस्ट के जिलों में जमी हैं। संदिग्ध नईम, साकिब, सुहेल समेत अन्य को रिमांड पर लिया गया, जोकि आईएस के नेटवर्क की पोल खोल रहे है।
सप्लायरों को उजागर किया
आईएस से जुड़े संदिग्ध नईम, साकिब और सुहेल समेत कई लोगों को रिमांड पर लेकर एनआईए ने हथियार सप्लायरों का खुलासा किया। सामने आया कि आईएस के एजेंट हथियार सप्लायरों के जरिये देहात के इलाकों में अपना नेटवर्क फैला चुके हैं। सामने आए संदिग्ध लोगों को पेश होने के लिए एनआईए की तरफ से नोटिस जारी होने शुरू हुए।
एनआईए ने जिस अफसार को शुक्रवार को पकड़ा, उसे भी नोटिस जारी किया गया था। एनआईए ने शनिवार को मुंडाली के जिसोरा, अजराड़ा आदि गांवों में छापे मारे। परिजनों ने बताया कि अफसार डासना मसूरी के पास पिपलेडा गांव में स्थित मदरसे में पढ़ाता है। उसकी दो बहनों की शादी वैठ गांव में हुई थी, जहां साकिब भी मदरसे में पढ़ाता था। परिजनों ने बताया कि साकिब अफसार के घर पर एक शादी में चार माह पूर्व आया था।
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