इसके लिए कलीम को फर्जी आईडी पर एक फर्जी आईडी पर एक सिम दिलाया गया। इस मोबाइल नंबर का व्हाटसएप पाकिस्तान में आईएसआई ओपरेटिव आतंकी दिलशाद उर्फ मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज के मोबाइल फोन पर एक्टीवेट कराया था।
उसका भाई तहसीम उर्फ तासीम भारत से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संचालित आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त आतंकी दिलशाद उर्फ मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज से व्हाट्सएप पर वार्ता करता था।
भारतीय सेना के सुरक्षा स्थल की फोटो व्हाट्सएप पर भेजता था। राजस्थान में अनूपगढ़ में भारतीय सेना के सुरक्षा बल के जवानों की फोटोग्राफ भी भेजता था। भारतीय सेना के राफेल विमान के फोटोग्राफ से संबंधित समाचार पत्र का फोटोग्राफ भी भेजा था।
गिरफ्तार कलीम के खिलाफ शामली के कोतवाली थाने में आईपीसी की धारा 420,121ए, 153ए, 295ए एवं 13/18 विधि विरुद्ध किया कलाप (निवारण) अधिनियम 1967 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। कलीम के मोहल्ले की महिला हमीदा भी पाकिस्तान में आतंकवादी इकबाल काना से शादी कर चुकी है।
भाई फरार, नकली नोट के मामले में चल रहा वांटेड
कलीम का भाई तहसीम नकली नोट के मामले में फरार चल रहा है। वह पंजाब के लुधियाना में हथियार सप्लाई के मामले में भी फरार चल रहा है। कलीम हाल में पाकिस्तान से आया है। वह वहां पर 13 महीने जेल में रहा। उसे कस्टम विभाग ने पकड़ने के बाद जेल भेजा था। कलीम के पास से एसटीएफ को दो मोबाइल, पांच वर्क व्हाट्सएप चैट मैसेज व फोटोग्राफ की छायाप्रति, वर्क उर्दू भाषा के लिखे प्रिंटेड पेपर की छायाप्रति, हिंदी अनुवाद पेपर बरामद हुए हैं।