मेरठ महायोजना 2031 को 2021 की महायोजना की तुलना में दोगुना विस्तार दिया गया है। 2021 में तय 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल को अब 1043 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र में 75 फ़ीसदी, व्यवसायिक क्षेत्र में 96 फीसदी और आवासीय क्षेत्र में 50 फीसदी का इजाफा किया गया है। कमिश्नरी सभागार में बोर्ड बैठक में अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. ने कुछ सुझाव दिए और कुछ मामलों में समिति बनाने के लिए निर्देश दिए।
बोर्ड बैठक के बाद प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे ने बताया कि महायोजना 2031 को करीब तीन ल बाद आखिरकार सैद्धांतिक मंजूरी बोर्ड ने दे दी है। इन्वेस्टर्स समिति के तहत जिले में करीब 500 एमओयू साइन किए गए थे। इनमें से 82 में जमीन विस्तारीकरण संभव है। इन्हें महायोजना में चिह्नित किया गया है। इसके बाद करीब 2000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरेंगे। महायोजना-2021 की तर्ज पर ही भू-उपयोग परिवर्तन के बाद मानचित्र स्वीकृत हो सकेंगे।
इसके अलावा आवास एवं शहरी नियोजन की महुआ की गाइडलाइन को अंगीकार किया गया है। बैठक में कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे., डीएम दीपक मीणा, मेडा सचिव चंद्रपाल तिवारी, ओएसडी रंजीत कुमार, नगर नियोजक विजय कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय, बोर्ड सदस्य डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी व नैन सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
समिति देखेगी मानचित्र के अटके मामले
ऑनलाइन बिल्डिंग अप्रूवल सिस्टम के तहत सिंचाई, पर्यावरण, प्रदूषण आदि विभागों से एनओसी समय पर न मिलने से मानचित्र अटक जाते थे। इसके लिए मेडा का 45 दिन में स्वत: ही मानचित्र पास होने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। कमिश्नर ने एनओसी के लंबित मामलों के लिए हर माह अपर आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाकर सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के हस्तांतरण के लिए भी अपर आयुक्त की अगुवाई में समिति बनाई गई है।
आरआरटीएस कॉरीडोर पर रहेगा मिश्रित भू उपयोग, नगरीय कृषि क्षेत्र शहरी विकास क्षेत्र घोषित
शासन की ट्रांजिट ओरियंटेड डवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत आरआरटीएस कॉरीडोर पर मिश्रित भू-उपयोग को महायोजना में मंजूरी दी गई है। उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि 617 आपत्ति, सुझाव का निस्तारण किया गया है। इसके तहत 3200 हेक्टेयर में मिश्रित भू उपयोग रहेगा। इसमें औद्योगिक, व्यवसायिक, आवासीय, शैक्षिक संस्थान शामिल हैं। इसी के साथ शहरी क्षेत्र में नगरीय कृषि को हटा दिया गया है। इसके तहत बागपत रोड पर पांचली खुर्द, दायमपुर, सरधना रोड पर बटजेवरा, भावनपुर के पास, गढ़ रोड पर गोकुलपुर से आगे, हापुड़ रोड पर ढिकोली, दिल्ली रोड पर भूड़पुर बराल के पास का क्षेत्र था, जिसे अब शहरी विकास क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।
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राहत...अब नहीं देनी होगा प्रभाव (इम्पेक्ट) शुल्क
निर्मित क्षेत्र में वसूला जा रहा प्रभाव (इम्पेक्ट) शुल्क हटाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पारित हो गया। मेडा उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रभाव शुल्क के कारण लोग बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण करा रहे थे, ऐसे में इसे हटा दिया गया है। प्रति वर्ग मीटर करीब 1160 रुपये की दर से यह वसूला जाता था। इससे खैरनगर, लाला का बाजार, पत्थरवालान, वैली बाजार, कोटला, सर्राफा बाजार आदि पुराने शहर में निर्माण सुनियोजित हो सकेंगे। वहीं सरधना, लावड़, मवाना, हस्तिनापुर, बहसूमा नगर पंचायतों को जोड़ने वाली 36 मीटर सड़क को 45 मीटर करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।
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मेरठ महायोजना एक नजर में
भू उपयोग महायोजना 2031 महायोजना 2021 इतना बढ़ा
(हेक्टेयर में) (हेक्टेयर में) (प्रतिशत में)
आवासीय 12980.45 8670.58 49.7
व्यवसायिक 856.79 436.88 96.1
औद्योगिक 2820.86 1614.47 74.7
पब्लिक 3185.06 2524.98 26.1
पार्क व ओपन स्पेस 5163.03 3849.39 34.1
ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्ट 3039.37 2232.78 36.1
रीक्रिएशन व अन्य 678.63 389.56 74.2
शहरीकरण क्षेत्र 28724.19 19718.64 45.7