पुलिस के अनुसार सोमवार को अदालत में यूपी एटीएस की ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। इस मामले में जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों के नेटवर्क और संपर्कों की भी गहन जांच कर रही हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी साकिब और अरबाब लंबे समय से पाकिस्तानी हैंडलर और कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में थे। इंटेलिजेंस और परीक्षितगढ़ पुलिस ने आरोपियों के परिजनों के बैंक खातों की जानकारी भी जुटानी शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके खातों में किन-किन देशों से पैसे आए।
यह भी पढ़ें: मौत का बंटी जीरा: इश्क-लालच और साजिश, शराब में मिलाया पोटेशियम साइनाइड, बहन समेत तीन गिरफ्तार
इसके अलावा आरोपियों के परिजनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी निकाली जा रही है। हालांकि रविवार को अवकाश होने के कारण सीडीआर नहीं निकल सकी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इनकी पूरी कॉल हिस्ट्री की जांच की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि अरबाब का पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके बाद उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है। वहीं दुष्कर्म के मामले में नामजद साकिब को कानूनी सजा दिलाने के लिए परीक्षितगढ़ पुलिस सक्रिय हो गई है।
इस मामले में पॉक्सो कोर्ट में एटीएस की कार्रवाई की रिपोर्ट भी दाखिल की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इंटेलिजेंस की टीमें लगातार आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर एसटीएफ ने भी गोपनीय तरीके से दोनों आरोपियों के कनेक्शन और नेटवर्क की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच के दायरे में आरोपियों के परिजन भी शामिल हैं और उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी।