आरोपी नोमान व कैराना में उसके घर पर लगा ताला
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ISI Arrested In UP: एक बार फिर से कैराना के नोमान इलाही ने शामली जिले के माथे पर बदनुमा दाग लगा दिया। पाकिस्तान से जासूसी करने के शक में उसे पानीपत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर इकबाल उर्फ काना और अन्य के संपर्क में था।
पुलिस को अभी भी शक है कि इकबाल और उसके सहयोगी पानीपत, शामली ही नहीं देशभर में आईएसआई एजेंट तैयार कर देश विरोधी गतिविधियों करा रहे हैं। अब हरियाणा और यूपी पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
करीब नौ माह पूर्व ही शामली पुलिस ने शामली के मोहल्ला नौकुआं रोड के रहने वाले कलीम को गिरफ्तार किया था। खुलासा हुआ था कि कलीम पाकिस्तानी आईएसआई हैंडलकर इकबाल काना और अन्य के संपर्क में था। उन्हें व्हाट्सएप पर देश की कुछ तस्वीरे भेज रहा था। पुलिस ने उस समय भी इकबाल पर शिकंजा कसने का प्रयास किया था, मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी थी।
असमंजस में पुलिस, हैंडलरों को पाकिस्तान से कैसे पकड़े?
पुलिस और खुफिया एजेंसियां आईएसआई से जुड़े एजेंटों को तो समय-समय पर पकड़ती रहती है। मगर पाकिस्तान और विदेशों में बैठे हैंडलरों तक उनके हाथ नहीं पहुंच पाते। एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान सरकार भारत का सहयोग नहीं करती है। इस कारण आशंका रहती है कि यदि पुलिस हैंडलरों को पकड़ने के लिए गई तो उन्हें वहां पर किसी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा। पाकिस्तान जाकर उन्हें गिरफ्तार करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता।
हमीदा भी इकबाल के साथ पाकिस्तान में संभाल रही आईएसआई की कमान
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे शामली के कैराना के आईएसआई हैंडलर, एजेंट इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा, हमीदा, शाहिद अभी भी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। पूर्व में कैराना के शाहिद के भी पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट बनने का पता पुलिस को लगा था। खुलासा हुआ था कि वह वह दुबई, मोरक्को, अफगानिस्तान आदि में रहकर भी आईएसआई एजेंट तैयार कर रहा है।
मिलकर कसा जाएगा शिकंजा
पानीपत के कार्यवाहक एसपी गंगाराम पूनिया का कहना है कि शामली पुलिस के सहयोग से पाकिस्तान के जासूसों के संपर्क में रहने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा।
दरभंगा ब्लास्ट में कैराना के चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार
17 जून 2021 को बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पार्सल ब्लास्ट किया गया था। हालांकि ब्लास्ट में कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन जांच के दौरान एनआईए की टीम ने कैराना में दबिश देकर ब्लास्ट के मामले में सलीम टूइयां व कफील को गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई थी। इसके अलावा हैदराबाद से कपड़े का कारोबार करने वाले दो सगे भाइयों को भी गिरफ्तार किया गया था।
पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर फिर चर्चा में आया कैराना
पानीपत में नोमान इलाही की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर कैराना चर्चा में आ गया है। कस्बा कैराना देश विरोधी गतिविधियों और पाकिस्तान से सोना, हथियारों और नकली नोटों की तस्करी को लेकर पहले से ही बदनाम रहा। नोमान की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां और पुलिस सतर्क हो गई हैं।
कैराना के रहने वाले इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा और हमीदा उर्फ फेमिदा के देश छोड़कर पाकिस्तान भागने के बाद भी कैराना के लोगों से उनका संपर्क बना रहा। समय-समय पर इसका खुलासा होता रहा है। जिले के कई लोग पूर्व में दिल्ली, हरियाणा, अटारी बॉर्डर समेत कई स्थानों पर अवैध हथियारों व जाली करंसी के साथ पकड़े जा चुके हैं।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि पिछले साल 16 अगस्त को शामली के घेरबुखारी निवासी कलीम व उसके भाई तहसीम को एसटीएफ ने आईएसआई एजेंट के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों भाइयों पर आईएसआई के संपर्क में रहने और सोशल मीडिया व्हाट्सएप आदि के माध्यम से सूचनाएं भेजने का आरोप था।
इसके अलावा कांधला निवासी सरदार अली 2023 में पकड़ा गया था। उस पर पाकिस्तान आतंकवादी वारस का सहयोगी होने का आरोप था। वारस वर्ष 2000 में गिरफ्तार हुआ था, जो वर्तमान में जेल में है। नोमान एक बार पाकिस्तान जा चुका है और फिर जाने की फिराक में था।
1990 के दशक में गठरी व्यवसाय से शुरू हुई थी पाकिस्तान से तस्करी
नब्बे के दशक में कैराना में गठरी व्यवसाय अपने पूरे चरम पर था। गठरी व्यवसाय में महिलाओं को तीन हजार रुपये की दिहाड़ी पर पाकिस्तान से कपड़ा, पान, सुपारी, मिर्जा चप्पलों का कारोबार होता था, जो सोने की बिस्कुट व पिस्टलों की तस्करी तक पहुंच गया था। कैराना के लोगों की रिश्तेदारियां पाकिस्तान में होने के कारण यहां के लोग पाकिस्तान आते जाते थे। 90 के दशक में पाकिस्तान के डिस्को कपड़े व मिर्जा चप्पल की यहां बहुत मांग थी, जबकि भारत का पान, कत्था व सुपारी पाकिस्तान में पसंद किया जाता था। सोने की भी तस्करी की।
पानीपत में कैराना निवासी नोमान इलाही के पकड़े जाने का मामला जानकारी में आया है। जनपद शामली में नोमान पर पूर्व में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। जिले में पूर्व में आईएसआई के आरोप में पकड़े गए लोगों व उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की जांच व निगरानी की जा रही है। रामसेवक गौतम, एसपी शामली