सुभारती के लॉ कॉलेज में हुई मूट कोर्ट प्रतियोगिता
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मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में शुक्रवार को आपराधिक विधि पर आधारित तीन दिवसीय 16वीं मूट कोर्ट प्रतियोगिता संपन्न हुई। यह प्रतियोगिता संस्थान निदेशक राजेश चंद्र और प्रो. रीना बिश्नोई के संरक्षण में आयोजित की गई। इसमें 22 टीमों के 44 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
प्रारंभिक और सेमीफाइनल राउंड में पूर्व छात्र-अमर बंसल, आकांक्षा राय, आकांक्षा चौधरी, तनु प्रिया, सृष्टि, ऋषभ, हर्ष यादव, मानसी और शिखा उपाध्याय ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागियों से भारतीय न्याय संहिता, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और पोक्सो अधिनियम 2012 संबंधी गहन प्रश्न पूछे। प्रतियोगियों ने अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य और विशाखा बनाम राजस्थान राज्य जैसे ऐतिहासिक फैसलों का हवाला दिए। उन्होंने न्यायपालिका के कानूनों की व्याख्या करने के दायित्व पर जोर दिए। प्रारंभिक चरण के बाद चार दल अर्ध-अंतिम चरण में पहुंचे। अर्ध-अंतिम चरण से ईशा त्यागी-दिया सिंह और इशिका चौहान-राचिका सिंह की जोड़ियां अंतिम चरण में पहुंचीं।
अंतिम चरण में अनुराग चौधरी और पार्थ मल्होत्रा निर्णायक रहे। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता और संवैधानिक प्रावधानों पर गहन सवाल किए। उत्कृष्ट प्रस्तुति, तर्कशक्ति और प्रभावी बहस के आधार पर ईशा त्यागी और दिया सिंह के दल को सर्वश्रेष्ठ दल घोषित किए गया। शिक्षक समन्वयक डॉ. आफरीन अलमास और छात्र समन्वयक ओम ठाकुर ने बताया कि ओम ठाकुर, सृष्टि, लवी, सना श्री, चेतन, सादिका बंसल, जॉर्ज सहित कई छात्र-छात्राओं के योगदान से कार्यक्रम उत्साहपूर्ण रहा।