पान सिंह तोमर में बना था सीएम
शहर के मशहूर अभिनेता गिरीश थापर ने बताया कि फिल्म पान सिंह तोमर में इरफान मुख्य किरदार में थे और इस फिल्म में मैं मुख्यमंत्री की भूमिका में था। फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड में चल रही थी।
मेरे लिए यह पहली फिल्म थी। सेट पर एक दिन इरफान भाई से भेंट हुई। उन्होंने कहा और भाई मंत्री जी कैसे हैं? हालांकि बाद में मेरे वाले सीन को फिल्म से हटा दिया गया, मगर मुंबई में इरफान भाई से लगातार मेरी मुलाकात होती रही।
जब 'लंच बॉक्स' के लिए इरफान को किया कास्ट
सुपरटेक ग्रीन विलेज निवासी डॉ. रागिनी प्रताप के बेटे शुभम प्रताप मुंबई में कास्टिंग डायरेक्टर हैं। 'लंच बॉक्स' फिल्म की कास्टिंग शुभम ने ही की थी। वह कहते हैं इरफान जैसा साथी कलाकार होना मुश्किल है। 'लंच बॉक्स' फिल्म की सफलता देखकर मुझे लगा कि मेरा चुनाव ठीक था।
फिल्म में पहले मनोज बाजपेई व दूसरे अभिनेता को लेने पर विचार चल रहा था। फिर मैंने ही कहा कि हम इरफान खान को कास्ट कर सकते हैं, और वो फाइनल हो गए। इसके बाद सेट पर अक्सर उनसे मुलाकात होती थी। नए कलाकारों को वह हमेशा आगे बढ़ाने की बात करते थे।
उन्होंने कहा.. आइए फोटो क्लिक करें
मेरठ की मशहूर चिकित्सक दामोदर कॉलोनी निवासी डॉ. जानवी इन दिनों लॉकडाउन के कारण बंगलूरू में फंसी हुई हैं। उन्होंने बताया कि इरफान खान से मेरी मुलाकात फ्लाइट में हुई थी। 2015 में बनारस जाते समय मैं उनसे मिली थी।
जानवी कहती हैं पहले यकीन नहीं हुआ कि इरफान हैं, फिर हिम्मत करके उनसे बात की। वो इतने सरल इंसान थे कि फ्लाइट से उतरने पर खुद कहा कि एक फोटो क्लिक कर लेते हैं। उन्होंने अपने स्टाफ से कहकर मेरे साथ फोटो कराया। तब शायद वो 'पीकू' की शूटिंग कर रहे थे। उनके जाने से मुझे काफी दुख हुआ है।
'डर' के सेट पर देवदूत से मुलाकात
हुमायूं नगर निवासी सईद 1995 में इरफान खान से मिले थे। उन्होंने बताया कि डर सीरियल के सेट पर हम मिले थे। मैंने हाथ मिलाते हुए उनसे कहा कि भाईजान मैं मेरठ से हूं। उन्होंने कहा कि जहां से नसरुद्दीन शाह और मंदाकिनी हैं।
उन्होंने यह सुनते ही मुझे गले लगा लिया। सईद कहते हैं सीरियल में भले इरफान ने सीरियल किलर का रोल किया था, लेकिन वो दिल से देवदूत थे। तब स्टार प्लस के डर सीरियल की शूटिंग चल रही थी, मेरे कजिन भाई जो कि इसमें सिनेमेटोग्राफी कर रहा था उसकी वजह से मुझे भी इरफान भाई से मिलने का मौका मिला।