सरधना। गांव पिठलोकर में राशन वितरण में अनियमितता पर ग्रामीणों के बयान लिए और एजेंसी सील की गई।
- ग्रामीणों की शिकायत पर आपूर्ति निरीक्षक ने दर्ज किए बयान, संचालक नहीं मिला, जांच के बाद होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। पिठलोकर गांव में राशन वितरण में अनियमितता और मनमानी के आरोपों के मामले में आपूर्ति विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीणों की शिकायत पर आपूर्ति निरीक्षक दिनेश चंद्रा ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। मौके पर राशन एजेंसी संचालक नहीं मिला। इसके चलते राशन का सत्यापन नहीं हो सका। विभाग ने राशन एजेंसी को सील कर दिया है।
शनिवार को ग्रामीणों ने राशन वितरण में अनियमितता और मनमानी का आरोप लगाते हुए तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों ने राशन डीलर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर मनमर्जी से राशन का वितरण करता है। वितरण के लिए कोई निश्चित तिथि और समय निर्धारित नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले दो-तीन माह से कई पात्र लाभार्थियों को राशन नहीं मिला है। आरोप है कि सरकारी कोटा उठाए जाने के बावजूद पात्र उपभोक्ताओं को उनका हक नहीं दिया गया। राशन लेने पहुंचने वाले ग्रामीणों को टाल दिया जाता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ उपभोक्ताओं से मशीन पर अंगूठा लगवाकर तीन माह का राशन एक साथ देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें राशन नहीं मिला। इससे गरीब और अंत्योदय परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि आपूर्ति निरीक्षक दिनेश चंद्रा ने मौके पर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। ग्रामीणों ने राशन नहीं मिलने की शिकायत की है। एजेंसी संचालक मौके पर नहीं मिला, इसलिए राशन का सत्यापन नहीं हो सका। एजेंसी को सील कर दिया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।