मेरठ। नौचंदी थाना क्षेत्र के सोहराब गेट बस अड्डे पर 12 अगस्त को कारीगर दिलावर हुसैन निवासी घंटाघर से 50 लाख रुपये के आभूषण लूटने वाले ईरानी गैंग के तीन बदमाशों से बुधवार सुबह पुलिस की मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से दो बदमाश उत्तराखंड के विश्वजीत व महाराष्ट्र के मो. फिरोज घायल हो गए। देवबंद निवासी दुर्गेश को पुलिस ने कॉम्बिंग कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों बदमाशों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस गिरोह के सरगना सहित अन्य चार बदमाशों की तलाश में जुटी है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 12 अगस्त को दिलावर हुसैन अपने साथी राजेश मलिक निवासी शास्त्रीनगर एल- ब्लॉक थाना नौचंदी के साथ बिजनौर से स्कूटी पर सोने के आभूषण लेकर आ रहे थे। दिलावर सोहराब बस स्टैंड पर उतर गए थे। इसी बीच बाइक सवार बदमाश विश्वजीत, मो. फिरोज खान और दिलावर के पास पहुंचे थे। यहां आरोपियों ने पीड़ित को अपनी बातों में उलझा लिया था और सोने से भरे बैग को लूटकर भाग गए थे। एसएसपी के आदेश पर स्वाट टीम व नौचंदी थाना पुलिस बदमाशों की तलाश में थी।
बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि लूट करने वाले ईरानी गैंग के तीन सदस्य जागृति विहार में सोना को बेचने जा रहे हैं। पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी शुरू कर दी थी। पुलिस ने दो बाइक सवार तीन युवकों को रुकने का इशारा किया था। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश घायल हुए। इसके बाद तीनों को हिरासत में ले लिया गया।
सरगना की मां ईरान निवासी, इसलिए पड़ा गिरोह का नाम
पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि गैंग का सरगना हबीब उर्फ समीर निवासी महाराष्ट्र है। हबीब के पिता भारतीय हैं और मां ईरान की निवासी हैं। इसलिए गिरोह का नाम ईरानी गैंग बन गया। गैंग में बागर अली निवासी महाराष्ट्र, हैदर ईरानी निवासी भोपाल मध्यप्रदेश व मो. माशाल्लाह ईरानी निवासी भोपाल मध्यप्रदेश हैं। पुलिस को बदमाशों के पास से छह कंगन पीली धातु, एक झूमर, एक जोड़ी कानों की झुमकी, एक गले का हार, एक मंगलसूत्र, एक पेंडल, चार जालीदार चूड़ियां, एक चैन, एक अंगूठी, 50 हजार रुपये नगद, दो तमंचे, दो खोखे, दो कारतूस और चोरी की दो मोटरसाइकिल बरामद हुई।
पंजाब, हरियाणा, यूपी व दिल्ली में फैला रखा नेटवर्क
पुलिस पूछताछ बदमाश विश्वजीत ने बताया कि वह लोकल स्तर पर अपने साथियों के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व भीड़भाड़ की जगह पर रेकी करता था। विश्वजीत और हबीब वर्ष 2023 में तिहाड़ जेल से लूट के मामले में छूटकर आए थे। इसके बाद उन्होंने अपने गैंग में युवाओं को जोड़ना शुरू कर दिया था। बदमाशों ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में बड़े स्तर पर नेटवर्क फैला रखा है।