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औद्योगिक गलियारा और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों में मंथन

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मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे सहित विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों के बीच मंथन चल रहा है। जापान सहित कई विदेशी कंपनियों द्वारा जमीन लेने की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। इसको लेकर यूपीडा और जिला प्रशासन किसानों से जमीन खरीदने की तैयारी में लगा हुआ है। किसान सर्किल रेट से 10 गुना ज्यादा पैसा मांग रहे हैं। इस पर प्रशासन तैयार नहीं हो रहा है।
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खरखौदा व बिजौली के किसानों से जिला प्रशासन 200 एकड़ जमीन लेकर यूपीडा को दे चुका है। वहां औद्योगिक गलियारा विकसित होने की तैयारी में यूपीडा लगा हुआ है, इसको लेकर विदेशी कंपनियों में भी खलबली मची है। औद्योगिक गलियारे में अपनी अपनी कंपनियां विकसित करने के लिए जमीन की मांग बढ़ी है। इसे देखते यूपीडा ने जिला प्रशासन के सामने 300 एकड़ जमीन की डिमांड और रखी हुई है। बिजौली के अलावा खरखौदा माजरा, खड़खड़ी सहित 4 गांव के जंगल की जमीन में औद्योगिक गलियारा विकसित करने की प्लानिंग यूपीडा ने लगभग तय कर ली।
प्रशासन द्वारा किसानों से उनकी जमीन सहमति के आधार पर लेने के लिए वार्ता की। जिस पर खड़खड़ी और अन्य गांव के लोगों ने अपनी जमीन के सर्किल रेट कम होने की बात करते हुए सर्किल रेट से 10 गुना कीमत पर जमीन देने की बात कही। जिस पर प्रशासन तैयार नहीं हुआ, नतीजा किसानों द्वारा जमीन नहीं दी गई। कई कंपनियों ने औद्योगिक गलियारे में जमीन लेने के लिए अपना प्रस्ताव दिया है। कंपनियों को जमीन कैसे दी जाए, इसे लेकर जिला प्रशासन और यूपीडा के अधिकारियों में बुधवार को भी मंथन हुआ है।
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