क्रिकेट के महासंग्राम आईपीएल के 12वें संस्करण ने मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को करोड़ों का कारोबार दिया है। शनिवार से शुरू हुए रनों के महासंग्राम में उतरी आठों टीमों के अधिकांश बल्लेबाजों के हाथों में मेरठ के बल्ले लहराएंगे। कंपनियों ने भी बल्लों को बनाने में काफी मेहनत की है, एक-एक बल्ले पर प्रतिदिन चार से पांच घंटे काम किया है। धड़ाधड़ रन बनाने के लिए बल्लों के स्ट्रोक मशीन की बजाय हाथों से खोला है। उम्मीद है कि आईपीएल में इस बार रनों का नया रोमांच दिखेगा। 2018 में आईपीएल विजेता सीएसके की टीम के बल्लेबाजों ने मेरठ के बल्लों से ही दे दना दन रन बनाए और जीत दर्ज की थी। बल्लों के साथ दस्ताने, हेलमेट व अन्य सामान भी मेरठ से गए हैं। बड़ी कंपनियों के लिए भी निर्माताओं ने बल्ले बनाकर भेजे हैं। इन पर मेरठ की निर्माता कंपनियों का नाम नहीं है, लेकिन उनका निर्माण मेरठ मेें हुआ है।
मेहनत होगी कम, बरसेंगे रन
दर्शकों को रनों के रोमांच से भरने के लिए कंपनियों ने बल्लों पर खूब काम किया है। ताकि बल्लेबाज कम मेहनत में अच्छे रन बना सकें। कंपनियों ने बल्लों की एज में लकड़ी की मोटाई बढ़ाई है। बल्लेबाज धीरे से प्लेस करते ही चौका-छक्का लगेगा। 1150 से लेकर 1200 ग्राम वजन के बल्ले बनाए हैं। जो एक बेहतरीन वजन है, स्ट्रोक को मजबूत करता है।
इन खिलाड़ियों के हाथों में मेरठ का बल्ला
आईपीएल 2019 में खेलने वाली सभी टीमों के अधिकांश बल्लेबाजों के हाथ में मेरठ निर्मित बल्ले लहराएंगे। इसमें मोहम्मद शमी, आदित्य तरे, सुरेश लैड, डेनली, ढिल्लन, रॉबिन उथप्पा, शेन वॉटसन, सुरेश रैना, पार्थिव पटेल, हार्दिक पंड्या, बुमराह, राहुल त्रिपाठी, कृ ष्णप्पा गौतम, श्रेयस गोपाल, राहुल तेवतिया, ऋषभ पंत, अमित मिश्रा, श्रेयस अय्यर, केदार जाधव, दीपक चहर, अंबाती रायडू, रविंद्र जडेजा, मुरली विजय, आकाशदीप नाथ, सिमोन, कैरॉन पोलार्ड, सूर्य कुमार यादव, दिनेश कार्तिक, पीयूष चावला, नीतीश, कार्लोेस ब्रेथवेट, दीपक हुड्डा, मनीष पांडे, यूसुफ पठान आदि हैं।
मशीन नहीं हाथों से खोला स्ट्रोक
मेरठ के बल्लों को पसंद करने की प्रमुख वजह बल्ले का स्ट्रोक है। मेरठ के कारीगर कम वजन में ही बल्ले में अच्छा स्ट्रोक देने के हुनर में माहिर हैं। यहां हाथ से पूरे बल्ले की छिलाई होती है। स्ट्रोक खोलने का काम मशीन से नहीं हाथों से होता है। कारीगर गेंद से लगातार बल्ले पर चोट (ठक-ठक) करके उसका स्ट्रोक खोलता है। स्ट्रोक खुलने से बल्ले की मारक क्षमता बढ़ती है।
यह है बल्ले का तय साइज
लंबाई- सवा 34 इंच
चौड़ाई- सवा चार इंच
स्पाइन- 67 मिमी
मोटाई- 40 मिमी
वजन- 1200 ग्राम
तीन माह पहले गए बल्ले
तीन महीने पहले ही बल्ले खिलाड़ियों के पास जा चुके हैं, जिससे खिलाड़ी मैदान में उतरने से पहले बल्ले से अभ्यास कर लें। बल्ले के अलावा दस्ताने, हेलमेट व क्रिकेट किट भी बनकर गई है। पिछले वर्षों में भी आईपीएल में मेरठ से सामान गया है। - अनिल सरीन, निदेशक एसएफ
अधिकांश बल्लेबाज करेंगे प्रयोग
सभी टीमों के अधिकांश बल्लेबाजों के लिए बल्ले गए हैं। लगभग छह से आठ महीने पहले ही बल्ला तैयार होने लगता है। केदार जाधव, दीपक चहर, अंबाती रायडू, रविंद्र जडेजा, मुरली विजय सहित अन्य खिलाड़ी एसएस के बल्ले से खेलते नजर आएंगे। - जतिन सरीन, निदेशक एसएस
32 खिलाड़ियों के हाथों में होगा बल्ला
सभी टीमों के लगभग 32 खिलाड़ियों के हाथों में एसजी का बल्ला रहेगा। गेंदों को छोड़कर पूरी क्रिकेट किट गई है। बल्ले के अलावा दस्ताने, हेलमेट गए हैं। ऋषभ पंत, राहुल तेवतिया, श्रेयस गोपाल, राहुल त्रिपाठी, रॉबिन उथप्पा, शेनवॉटसन, सुरेश रैना, अमित मिश्रा, पार्थिव पटेल, हार्दिक पंडया, कुनाल पंडया, बुमराह, विजय शंकर, शाकिब अल हसन, राशिद खान आदि शामिल हैं। - पारस आनंद, मार्केटिंग डायरेक्टर एसजी