चुनाव की आड़ में शहर में अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई है। ताबड़तोड़ ढंग से व्यावसायिक भवन से लेकर कालोनियां अवैध रूप से विकसित होनी शुरू हो गई हैं। एमडीए समेत सरकारी अमला और पुलिस चुनाव में लगी है। इसी का फायदा अवैध निर्माण करने वाले उठा रहे हैं।
सभी विभागों के अधिकतर कर्मचारियों-अधिकारियों की ड्यूटी इस समय लोकसभा चुनाव में है। कहीं ईवीएम की स्कैनिंग का काम, तो कहीं प्रशिक्षण चल रहा है। चुनावी रणभेरी बजते ही रुके हुए निर्माण कार्य भी शुरू हो गए हैं। एमडीए की टीम ने जिन कार्यों को रुकवा दिया था, उन्हें भी मानो ग्रीन सिग्नल मिल गया है।
सील लगने के बाद भी निर्माण जारी
एमडीए ने जिन अवैध निर्माणों पर सील लगाई है, वहां भी काम चल रहा है। मोदीपुरम में हाईवे पर फ्लाईओवर के पास एक अवैध मार्केट बनाई जा रही थी। एमडीए ने यहां सील लगा दी थी। हद यह है कि सील लगी होने के बावजूद यहां काम शुरू कर दिया गया है। सामने लगे बड़े होर्डिंगों की आड़ में मिस्त्री और मजदूर लगे हुए हैं।
रुड़की रोड पर भी यही हाल है। शीलकुंज कालोनी की तरफ जाने वाले मार्ग के सामने ही मुख्य रोड पर निर्माण हो रहा है। जबकि यह निर्माण भी अवैध है और एमडीए के संज्ञान में है। इसी तरह से दिल्ली रोड से नूरनगर जाने वाले मार्ग पर अवैध कालोनी काटी जा रही है। यहां तेजी से प्लॉटिंग चल रही है। इसके अलावा परतापुर, मवाना रोड, बागपत रोड, रोहटा रोड, कंकरखेड़ा आदि क्षेत्रों में भी अवैध निर्माण कार्यों में तेजी आ गई है।
आश्वस्त हैं कि इस समय एक्शन नहीं होगा
अवैध निर्माण करने वालों को लग रहा है कि इस समय पुलिस भी चुनाव में लगी है। एमडीए अधिकारी यदि चाहें भी, तो कार्रवाई नहीं होगी। खास तौर पर ध्वस्तीकरण के लिए फोर्स की आवश्यकता होती है और इस समय फोर्स नहीं मिल पाएगी।
चुनाव में व्यस्तता जरूर है, पर अवैध निर्माण करने वाले यह समझ लें कि एक्शन जरूर होगा। मैं इस बाबत कल ही टीम को अलर्ट करूंगा। जहां इस तरह का निर्माण हो रहा है, उसे चिह्नित कर ध्वस्तीकरण किया जाएगा। - राजकुमार, एमडीए सचिव