मेरठ। दुष्कर्म पीड़िता पर हनीट्रैप और उसके भाई पर दो मुकदमे दर्ज होने का मामला लखनऊ तक गूंज गया है। आरोप है कि दोनों केस कार सर्विस सेंटर के संचालक ने खुद को बचाने के लिए फर्जी लिखवाए। दोनों ही मुकदमों में एसएसपी ने जांच बैठा दी है। पीड़िता की शिकायत पर संचालक पर रिपोर्ट दर्ज होगी। कार सर्विस सेंटर संचालक के बचाव में एक अधिकारी बताया जा रहा है।
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह के अनुसार बागपत जिले की मूल निवासी एक युवती आठ साल से कार सर्विस सेंटर संचालक के यहां पर नौकरी करती थी। 60 साल की उम्र के सर्विस सेंटर संचालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे युवती को चार साल का एक बच्चा भी है। युवती इंसाफ के लिए बच्चे का डीएनए टेस्ट भी कराने की मांग कर चुकी है, इसके बावजूद पुलिस अधिकारी उसकी शिकायत पर कार सर्विस सेंटर के संचालक पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं।
युवती की घेराबंदी के लिए कार सर्विस सेंटर के संचालक ने एक अधिकारी से साठगांठ कर दो केस दर्ज कराए हैं। जिसमें युवती पर हनीट्रैप का आरोप लगाया। सिविल लाइन पुलिस ने युवती के भाई को धमकी व रंगदारी के मामले में बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। युवती का कहना है कि उसका शोषण हुआ है। इंसाफ की आवाज उठाई तो दो मुकदमे दर्ज कराकर उसके भाई को जेल भेज दिया। मामले की शिकायत मिलने पर एसएसपी ने दोनों मुकदमे में जांच बैठा दी।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
महिला अपराध के प्रति मुख्यमंत्री और डीजीपी गंभीर हैं। यह मामला संज्ञान में आया है। मुकदमे की जांच होगी। युवती के शिकायती पत्र पर कार सर्विस सेंटर के संचालक पर मुकदमा दर्ज होगा। आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। -अजय साहनी, एसएसपी