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मिर्गी दिवस: विश्व में पांच करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित, ऊपरी हवा न समझें, डॉक्टर को दिखाएं 

Tue, 11 Feb 2020 04:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

-भागदौड़ भरी जीवन शैली बना रही मिर्गी रोगी।
-भारत में हर 200वां व्यक्ति मिर्गी से पीड़ित।

 
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brain disease - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्गी...समय पर इलाज न होने पर यह घातक रूप भी ले सकती है। भारत में लगभग हर 200वां व्यक्ति मिर्गी से पीड़ित है। लेकिन इससे घबराएं नहीं, इसका इलाज संभव है और इसके लिए नई दवाइयां भी उपलब्ध हैं, जिनके साइड इफेक्ट भी कम हैं। इसे ऊपरी हवा न समझें। इस बीमारी के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से ही हर साल फरवरी माह के दूसरे सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जाता है।

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विश्व में पांच करोड़ से ज्यादा लोग इस बीमारी के शिकार हैं। सिर्फ  भारत में ही करीब एक करोड़ लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। बीमारी की सही जानकारी के अभाव में यह बढ़ती जा रही है। मिर्गी दो प्रकार की होती है।

आंशिक मिर्गी में दिमाग के एक भाग में दौरा पड़ता है और व्यापक मिर्गी में दिमाग के पूरे भाग में दौरा पड़ता है। डॉक्टर को दिखाने के बाद ही मिर्गी की दवाइयां शुरू करनी चाहिए। सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत लोगों को ही ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। ब्रेन ट्यूमर और ब्रेन हैमरेज से भी मिर्गी होने का खतरा रहता है।

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मस्तिष्क में 8 बिलियन न्यूरॉन होते हैं। न्यूरॉन में इलेक्ट्रिसिटी पैदा होती है। इलेक्ट्रिसिटी का प्रभाव बाहर नहीं निकलें, इसलिए हर न्यूरो के चारों ओर माइलिन शीट होती है। मिर्गी के रोगियों में कुछेक न्यूरॉन की माइलिन शीट टूट जाती है, जिससे करंट बाहर आकर अन्य न्यूरॉन को झटके देता है, एक तरह का शार्ट सर्किट हो जाता है। मिर्गी रोग का पता ईईजी, एमआरआई और सिटी स्कैन जांच से चलता है।

जादू-टोने के चक्कर में न पड़ें
मेरठ में सरकारी और निजी चिकित्सकों के पास हर साल हजारों लोग मिर्गी के दौरों का इलाज कराने के लिए आते हैं। यह भी समझने की जरूरत है कि मिर्गी मस्तिष्क विकार है। कई बार दौरे पड़ने पर अंधविश्वास में लोग इसे ऊपरी हवा या करतूत समझ लेते हैं, जो कि गलत है। - डॉ. रवि राणा, मानसिक रोग विशेषज्ञ
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निरंतर कराना पड़ता है इलाज
मिर्गी की दवाइयां सरकारी अस्पतालों में भी निशुल्क मिलती हैं। इसका इलाज निरंतर कराना पड़ता है। अगर व्यक्ति एक समय की भी दवाई छोड़ देता है तो दौरा पड़ने का खतरा रहता है। अगर व्यक्ति को तीन साल तक दौरा न पड़े और जांच नॉर्मल हो तो व्यक्ति की दवाई बंद हो जाती है। - डॉ. कमलेंद्र किशोर, मानसिक रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल

इन बातों का रखें ध्यान
  • मिर्गी दौरा आने पर रोगी को सुरक्षित जगह पर एक करवट लिटा दें।
  • खुली हवा में रखें, आसपास भीड़ न लगाएं।
  • मिर्गी के दौरे के समय रोगी के मुंह में कुछ न डालें।
  • मिर्गी के दौरे के मरीज लंबे समय तक ड्राइविंग न करें।
  • सोने का समय निश्चित करें और भरपूर नींद लें।
  • ज्यादा टीवी और मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
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