इंटरसिटी उड़ान की संभावनाओं को तलाशने के लिए किटको कंपनी की टीम इस सप्ताह मेरठ आ सकती है। कंपनी ने कागजी तौर पर अपना काम शुरू कर दिया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग का दावा है कि ग्राउंड रिपोर्ट पर सर्वे के लिए यह टीम मेरठ में इस सप्ताह आ सकती है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विस्तारित करने का काम पिछले तीन साल से अटका हुआ है। हवाई अड्डे के रूप में हवाई पट्टी को विस्तारित करने का प्रस्ताव निरस्त हो चुका है। लेकिन अब केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग प्रदेश के बड़े शहरों में हवाई उड़ान की संभावनाएं मेरठ में तलाश कर रहा है। ताकि इंटरसिटी उड़ान मेरठ से शुरू हो सके।
इस स्थानीय हवाई उड़ान की संभावनाओं की तलाश के लिए केरल की कंपनी किटको से उड्डयन मंत्रालय ने करार किया है। कंपनी ने करार के बाद कागजी तौर पर काम शुरू कर दिया है। लेकिन मेरठ में ग्राउंड सर्वे का काम अभी बाकी है। हवाई अड्डा प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी बनाए गए संत कुमार का कहना है कि किटको कंपनी के प्रतिनिधि अमित खरे के नेतृत्व में टीम कभी भी मेरठ जाकर ग्राउंड सर्वे का काम कर सकती है। इसके लिए मेरठ प्रशासन को भी पत्र लिखकर सहयोग के लिए कहा गया है।
ये होगा सर्वे का आधार
किटको कंपनी के प्रतिनिधि मेरठ के उद्यमियों, बड़े व्यापारियों, व्यावसायिक कालेजों के छात्रों और अधिकारियों से वार्ता करेंगे। मेरठ से किन शहरों में उड़ान की ज्यादा संभावनाएं होंगी, कितने यात्री प्रतिदिन हवाई उड़ान के लिए उपलब्ध होंगे, हवाई उड़ान से विभाग को कितनी कमाई होगी इन तमाम बिंदुओं पर अपनी सर्वे रिपोर्ट उड्डयन विभाग को देंगे। इसके बाद मेरठ से हवाई उड़ान का रास्ता साफ होगा।