मेडा की प्लानिंग के मुताबिक आईटी जोन में भी 50 हजार दफ्तर खोले जाएंगे, जिनमें एक लाख 66 हजार कर्मचारी काम करेंगे। ऐसे में तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करेंगे। 41 हजार 575 आवास बनाए जाएंगे जो एक लाख 85 हजार लोगों की घर की जरूरत पूरी करेंगे।
आवास एवं विकास परिषद् की ओर से गंगा एक्सप्रेसवे और बिजली बंबा बाईपास के पास दस गांवों में प्रस्तावित टाउनशिप में 30 हजार आवास बनेंगे, जिसमें सवा लाख से अधिक लोग रह सकेंगे। इन टाउनशिप से करीब तीन लाख लोगों आवासीय जरूरत पूरी होगी।
नई टाउनशिप के तहत पहले फेज में छज्जूपुर में 30.09 हेक्टेयर और मोहिउद्दीनपुर में 111.79 हेक्टेयर जमीन को लेकर काम होगा। इन दोनों गांव की कुल 112 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण पर 1007.34 करोड़ रुपये का खर्च होगा।
फ्लैटेड फैक्टरी में होते हैं इस तरह के काम
मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि फ्लैटेड फैक्टरी का कॉन्सेप्ट विदेशी है। इसके तहत फ्लैटनुमा बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाता है।
इमारत के हर फ्लोर पर काम के हिसाब से स्ट्रैक्चर तैयार किया जाता है। जैसे जेम्स एंड ज्वेलरी, स्पोर्ट्स, कैंची, जूता सिलाई, रेडीमेड गारमेंट, हैंडीक्राफ्ट, फैशन डिजाइन, आईटी सेक्टर से जुड़े केपीओ, बीपीओ, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजाइनिंग, असेंबलिंग की छोटी फैक्टरियां आदि।
अभिषेक पांडेय, उपाध्यक्ष मेडा
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