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नौचंदी मैदान में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने केनिर्देश

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मेरठ। नौचंदी मेला परिसर में पसरी गंदगी सार्वजनिक होने पर महापौर ने शुक्रवार को नगर निगम अधिकारियों की बैठक बुलाई। वहीं, अपर नगरायुक्त ने अन्य विभागीय अधिकारियों को साथ लेकर मेला परिसर और पटेल मंडप का निरीक्षण किया। महापौर ने 22 मार्च से पहले मेला परिसर को स्वच्छ बनाने और पौधरोपण कराने के निर्देश दिए।
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मेला नौचंदी का 22 मार्च को उद्घाटन होना है। हालांकि नगर निगम अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में नौचंदी मेले में फैली गंदगी, जलभराव, टूटी सड़कें, दुकानें और महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थिति पर समाचार प्रकाशित किया। जिसपर महापौर सुनीता वर्मा नगर निगम पहुंचीं और नौचंदी मेले को लेकर अपर नगरायुक्त श्रद्धा शांडिल्यायन, अधिशासी अभियंता नीना सिंह, एई राजपाल सिंह, नानक चंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र कुमार और पथ प्रकाश इंस्पेक्टर राजेश चौहान के साथ बैठक की। इसके बाद अधिकारियों से नौचंदी मेला परिसर की सफाई आदि की तैयारियों की जानकारी ली। महापौर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिया कि मेला उद्घाटन से पहले मेला परिसर पूरी तरह साफ होना चाहिए। मेला परिसर में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। इसके उपरांत उन्होंने पथ प्रकाश और निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता की।
निरीक्षण को पहुंची अपर नगरायुक्त
महापौर की बैठक के बाद अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यायन ने पथ प्रकाश इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों के साथ नौचंदी मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने पटेल मंडप का भी जायजा लिया। वहीं, परिसर में गंदगी मिलने पर सफाई इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय किया। बताया कि इस वार्ड के सफाई इंस्पेक्टर के जिम्मे एक दर्जन वार्ड हैं। इसलिए सफाई इंस्पेक्टर सभी वार्डों में पहुंच नहीं पाते हैं। अपर नगरायुक्त से पार्षदों ने सफाई इंस्पेक्टर को हटाने की मांग की। उनका कहना है कि नौचंदी मेले में विशेष सफाई होनी चाहिए। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र कुमार का कहना है कि सफाई इंस्पेक्टरों को वार्ड बांटने का काम नगरायुक्त ने किया है। यह नियमानुसार ठीक नहीं है। किसी सफाई इंस्पेक्टर के पास तीन तो किसी के पास एक-एक दर्जन वार्ड हैं। जिसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिख रहा है।
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