एसएसपी का कहना है कि गुलशन रेकी कर रहा था। उसे पता चला कि किशोरीलाल रोजाना सुबह सवा छह बजे के करीब आंबेडकर भवन में दूध लेने जाता है। वह तभी से उसके पीछे लगा था। सोमवार सुबह आरोपी ने वहां पहुंचकर किशोरीलाल की हत्या की और दूसरे गेट से निकलकर भाग गया।
एक घंटे मेरठ-बागपत हाईवे किया जाम ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद शव रखकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जानी गंगनहर पुल पर देर शाम साढ़े सात बजे जाम लगाया। इससे मेरठ-बागपत हाईवे पर जाम लग गया। इस दौरान काई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
समझाने पर ग्रामीण नहीं माने तो पुलिस ने शव एंबुलेंस में रखकर परिजन के घर पहुंचा दिया। यहां परिजन ने दाह संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने परिजन को समझाकर शव का दाह संस्कार करा दिया। इससे पहले परिजन ने हत्या के बाद भी शव उठने नहीं दिया था और कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया था।
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फुटेज से पहचाना गया हत्यारोपी
पुलिस ने फुटेज चेक किए तो अधिकांश रास्ते खाली मिले। आंबेडकर भवन के रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपी गुलशन जाता दिखाई दिया। कुछ तकलीफ के कारण वह दायां पैर हल्का घुमाकर चलता है। फुटेज में दिखने पर आरोपी की तुरंत पहचान कर ली गई। देर रात पुलिस ने आरोपी को हिरासत मेें ले लिया। उससे पुलिस पूछताछ कर रही है। जबकि केस में नामजद सुपारी देने वाले गुलशन और रविंद्र उर्फ राजू को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
धमकी देने पर चौकी पर की थी शिकायत
कस्बा सिवाल खास निवासी विकास की एक साल पहले भोला झाल के पास गंगनहर में डूबने से मौत हो गई थी। विकास को गंगनहर में डुबाकर मारने का आरोप लगाते हुए उसके भाई आनंद ने किशोरीलाल और कस्बा सिवाल खास के ही विनित को नामजद कराया था। जांच के बाद तीन महीने पहले जानी पुलिस ने किशोरीलाल और विनित को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
किशोरीलाल को जमानत मिल गई लेकिन विनित अभी जेल में है। परिजनों का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद विकास के परिजन किशोरीलाल को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसकी मौखिक शिकायत सिवाल खास चौकी पर की गई थी। इसी चौकी से दो सौ मीटर दूर वारदात की गई। ग्रामीणों को आरोप है कि सूचना के बाद पुलिस को दो सौ मीटर आने में आधा घंटा लगा। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।