मेरठ। चोरी के आरोपी को बचाने के लिए लोहियानगर थाने के दरोगा अभिषेक जायसवाल ने 20 हजार की मांग की। मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने दरोगा को निलंबित कर दिया। दरोगा की विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
एल-ब्लॉक निवासी खान मोहम्मद के घर का ताला तोड़कर 24 जून की रात बदमाश सोने के आभूषण, एलईडी और नकदी चोरी कर ले गए थे। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी तो शादाब उर्फ मोटा निवासी लक्खीपुरा और जावेद निवासी कांच का पुल के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने दोनों को चिंदौड़ी पुलिया से गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 23 मई की रात हाजीपुर गांव में वाशिद के नलकूप से सरकारी केबल भी चोरी किया था।
शादाब के खिलाफ टीपीनगर, लिसाड़ी गेट और लोहियानगर थाने में छह मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में विवेचक न होने के बावजूद दरोगा अभिषेक जायसवाल शादाब उर्फ मोटा के परिजनों को कॉल कर बचाने का आश्वासन दे रहा था। इसके लिए 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। शुक्रवार को पुलिस ने शादाब और जावेद को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बाद दरोगा का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इंस्पेक्टर लोहियानगर योगेश चंद्र तक भी पहुंच गया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी। एसएसपी ने बताया कि दरोगा इस मामले में विवेचक नहीं था, इसके बावजूद चोरी के आरोपी की मदद करने की बात कर रहा था। जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। ऑडियो को भी सुरक्षित रखा गया है। भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।