सरधना। थाना क्षेत्र के गांव नवाबगढ़ी में शुक्रवार शाम करीब 5:00 बजे गली में अन्य बच्चाें के साथ खेल रहे 10 वर्षीय आहिल पुत्र एजाज अली के अपहरण का प्रयास किया गया। आरोपी उसे 10 रुपये देने का लालच देकर अपने साथ ले जाने का प्रयास कर रहा था। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने आरोपी युवक को दबोच लिया और उसकी पिटाई कर दी। पुलिस उसे ई-रिक्शा में ले जाने लगी तो फिर से ग्रामीण उस पर टूट पड़े। ई-रिक्शा को पलटने का प्रयास किया। भीड़ को रोक रहे पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई हुई। पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा और भीड़ से आरोपी को बचाकर थाने ले जाया गया। ग्रामीणों ने थाने पर पहुंचकर भी हंगामा किया। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। परिजन ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी है। ग्रामीण इससे पूर्व में हुई उवैश और रिहान की हत्या के बाद से डरे हुुए हैं।
गांव नवाबगढ़ी निवासी एजाज अली ने तहरीर में बताया कि शाम के समय उसका बेटा आहिल गली में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान एक युवक वहां आया और उसके बेटे आहिल को अपने पास बुलाकर किसी व्यक्ति का पता बूझने के बहाने उससे बात शुरू की। आहिल ने जानकारी से इन्कार किया तो आरोपी ने उसे बहला फुसलाकर 10 रुपये का लालच देकर जबरन साथ ले जाने की कोशिश की। शोर मचाने पर लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने बच्चा चोरी करने के शक में उसकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आरोपी को ई-रिक्शा में बैठाकर अपने साथ ले जाने लगे। भीड़ आक्रोशित होकर उस पर टूट पड़ी और खींचतान शुरू हो गई। भीड़ ने कई बार ई-रिक्शा को पलटने का प्रयास किया। भीड़ को रोक रहे पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। स्थिति गंभीर होने पर भीड़ ने आरोपी को मारने की कोशिश की।
हालात बिगड़ने पर ग्रामीणों की सूचना के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस फोर्स मशक्कत के बाद आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर घायल अवस्था में उसे अपने साथ थाने ले गई और उसका मेडिकल कराया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पीड़ित आहिल ने भी जबरन साथ ले जाने की पुष्टि की। आक्रोशित ग्रामीण काफी संख्या में थाने पर जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। परिजनों ने थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बीते कुछ समय से असुरक्षा का माहौल है। तांत्रिक असद द्वारा रिहान और उवैश की हत्या के बाद से लोग सहमे हुए हैं। वहीं, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने गांव में लगातार संदिग्ध गतिविधियों के चलते सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि नवाबगढ़ी की घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पकड़़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद कार्रवाई की जाएगी।
एसपी देहात पुलिस बल के साथ थाने पहुंचे
हालात बिगड़ते की सूचना पर एसपी देहात राकेश मिश्रा तीन थानों सरूरपुर, रोहटा, जानी और रिजर्व पुलिस बल व कांवड़ मार्ग ड्यूटी पर लगी पुलिस को साथ लेकर थाने पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में किया। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी प्रताप सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें हटाने की मांग की। एसपी देहात ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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बच्चों की सुरक्षा के लिए पहरा रहे ग्रामीण
गांव नवाबगढ़ी में बीते कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधियों के चलते ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। बृहस्पतिवार को गांव के पांच घरों के बाहर संदिग्ध तरीके से खतरे के निशान पाए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। शुक्रवार को दिनदहाड़े बच्चे के अपहरण के प्रयास की घटना के बाद से ग्रामीण रातभर पहरा दे रहे हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इसके बावजूद दो दिन पूर्व कुछ संदिग्ध युवक गांव में घूमते देखे गए, जो ग्रामीणों द्वारा पूछताछ करने पर मौके से भाग निकले। इन घटनाओं के बाद से गांव में बच्चों और महिलाओं में खासा डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं, तब से नवाबगढ़ी को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में एक बच्चे के अपहरण के प्रयास और आरोपी की पिटाई की घटना ने हालात और भी तनावपूर्ण बना दिए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से गांव में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक गांव में स्थायी रूप से पुलिस तैनात नहीं की जाती, तब तक लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते रहेंगे। पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।