नदियों का प्रदूषण कम करने के लिए हिंडन के किनारे बसे गांव का निरीक्षण करते टीम। प्रशासन
सरधना/सरूरपुर। नदियों के संरक्षण एवं उनके पुनरुद्धार के लिए नदियों के प्रदूषण को कम करने के लिए हिंडन नदी के किनारे बसे गांव का टीम ने निरीक्षण किया।
शनिवार को जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे जिला गंगा समिति ने विकासखंड जानी के गांव ढ़िलोरा, विकासखंड रोहटा के गांव कलीना एवं विकास खंड सरूरपुर के बपारसी गांव में नदी किनारे पहुंचकर निरीक्षण किया है। तुषार गुप्ता ने नेतृत्व में दिल्ली से आए जैव विविधता संरक्षण के विशेषज्ञ यासिर अराफात के साथ निरीक्षण किया है। टीम ने हिंडन नदी में जा रहे संबंधित गांव के गंदे पानी को रोकने के लिए प्रत्येक गांव में गहनता से समस्याओं को जांचा गया और गंदे पानी के प्राकृतिक उपचार कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड के निर्माण हेतु संबंधित ग्राम प्रधानों, विकासखंड अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों, जूनियर इंजीनियर को मौके पर ही नदी को स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित गांव में तालाबों की स्थिति की भी जांच की गई। तालाबों की स्थिति को और बेहतर करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया। जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे जिला गंगा समिति मेरठ तुषार गुप्ता ने बताया कि हिंडन नदी में जाकर मिल रहे सरधना नाले के पानी को प्राकृतिक उपचार पद्धति कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड के माध्यम से शोधित करने के लिए जिला प्रशासन, वन विभाग, जिला गंगा समिति के माध्यम से प्रस्ताव पर कार्य किया जा रहा है। जिससे सरधना नाले में प्रवाहित हो रहे गोबर की मात्रा में आवश्यक शोध पद्धति के उपरांत कमी आएगी और यह पानी हिंडन नदी में वर्तमान स्थिति के विपरीत एक अच्छी स्थिति के साथ जाकर मिल पाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि सरकार एवं प्रशासन के प्रयासों में आम जनमानस भी अपनी सहभागिता एवं योगदान दें क्योंकि नदियों की स्वच्छता एवं उनके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी है। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग बड़ौत से सहायक अभियंता अनिल निमिश, खंड विकास अधिकारी जानी पंकज कुमार, खंड विकास अधिकारी रोहटा राजीव सिंह, खंड विकास अधिकारी सरूरपुर विजय कुमार सक्सेना व संबंधित सहायक पंचायत विकास अधिकारी मौजूद रहे।