इनर रिंग रोड के लिए 210 करोड़ रुपये कहां से आएंगे? नए वीसी योगेंद्र यादव ने मेरठ के विभिन्न प्रस्तावों का मौके निरीक्षण किया तो इनर रिंग रोड के लिए यह सवाल खड़ा हो गया। एमडीए अधिकारियों ने कहा किसान मुनासिब दर पर जमीन देने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में एमडीए शासन को संशोधित प्रस्ताव भेजने जा रहा है। इसमें कहा जाएगा कि इनर रिंग रोड को लोक निर्माण विभाग या फिर उत्तर प्रदेश स्टेट हाइवे अथॉरिटी बनाए। इसके अलावा शहर के अन्य प्रस्तावों पर भी मंथन हुआ। वीसी ने रक्षापुरम, लोहियानगर, गंगानगर योजना भी देखी। उन्होंने प्रस्तावित प्रोजेक्ट भी देखे। सचिव अवनीश कुमार शर्मा, चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा भी उनके साथ थे।
नहीं हो रहा इनर रिंग रोड पर काम
बिजली बंबा बाईपास पर वीसी ने इनर रिंग रोड का मौके और नक्शे दोनों का अध्ययन किया। यहां चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा ने बताया कि रोड पर काम पूरा नहीं हो रहा है। 34 किमी लंबी इनर रिंग रोड प्रस्तावित की गई है, जो गढ़ रोड से हापुड़ रोड तक बन गई है। अब हापुड़ रोड से जुर्रानपुर फाटक पर कनेक्ट होनी है। फाटक के इस तरफ दिल्ली रोड पर पांच सौ मीटर आगे आकर मिलनी है। सुपरटेक चौराहा से मोहकमपुर रजवाहे के दोनों तरफ रजवाहे को मिलाकर 45 मीटर चौड़ी रोड बननी है।
यह भी है सुझाव
एमडीए का तर्क है कि रजवाहे को ह्यूमपाइप लगाकर पाटा जाए तो उसके ऊपर भी वाहन गुजर सकते हैं। चूंकि यह 45 मीटर चौड़ी होनी है तो ऐसे में रजवाहे को कवर कर इसे पूरा किया जा सकता है। पानी पाइपों से बहता रहेगा। जुर्रानपुर फाटक से सुपरटेक चौराहा होते एनएच 58 तक यह आठ किमी का टुकड़ा है। इस प्रस्ताव पर सिंचाई विभाग के अधिकारी तैयार नहीं हो रहे हैं।
चाहिए 210 करोड़
चीफ इंजीनियर ने बताया कि भू अधिग्रहण और निर्माण पर 210 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। यह रकम कहां से आएगी। यहां टीम ने सुझाव पेश किया कि यदि इस प्रस्ताव पर जल्द ही काम शुरू नहीं होगा तो एमडीए इसे छोड़ दे। इसे लोक निर्माण विभाग या फिर उत्तर प्रदेश स्टेट हाइवे अथॉरिटी बनाए।
नोडल अधिकारी ने पेश की रिपोर्ट
इन प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी एटीपी विवेक भास्कर ने शुक्रवार को सारे प्रोजेक्ट की रिपोर्ट पेश की। बताया कि जुर्रानपुर फाटक हवा में ही लटका है। यहां किसान जमीन नहीं दे रहे हैं। यह छोटा सा हिस्सा तक कनेक्ट नहीं हो पा रहा है। वीसी ने सारे प्रोजेक्ट का अवलोकन करने को कहा है।