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दालों व हरी सब्जियों पर महंगाई की मार: एक सप्ताह में बढ़े दाम, टमाटर 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा

Thu, 20 Jun 2024 12:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

गर्मी बढ़ने के साथ साथ सब्जियों और दालों समेत खाद्यानों पर महंगाई बढ़ गई है। दालों पर 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं, जबकि सब्जियों के दामों में भी उछाल आया है।
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सब्जियां, - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिछले एक महीने में सभी खाद्यान्नों के भाव बढ़ गए हैं। दालें 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। एक सप्ताह में सब्जियों के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। हरा धनिया फुटकर में 180 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। टमाटर 60 रुपये किलो हैं। मसाले और ड्राईफ्रूट भी आम आदमी के बजट से बाहर हो रहे हैं।  

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आसमान से बरस रही आग से जहां आम आदमी झुलस रहा है, वहीं महंगाई भी बढ़ रही है। नवीन सब्जी मंडी में लौकी 40 से 50 रुपये किलो और शहर की विभिन्न गलियों में 70 रुपये प्रति किलो बेची जा रही है।

नवीन सब्जी मंडी संगठन के संरक्षक ओमपाल सैनी ने बताया कि गर्मी में सब्जियों का उत्पादन गिर रहा है। मंडी में आवक कम हो गई है। 

नवीन मंडी व शहर के विभिन्न इलाकों के भाव
सब्जी           मंडी में भाव      फुटकर भाव  
हरा धनिया      100-120         180 रु.    
टमाटर     20-25              60रु.    
लौकी     40-50    70 रु.    
प्याज    25-30    45 रु.     
तोरई    20-30    60 रु.    
बैंगन     25- 30    60 रु.      
आलू     20-30     35 रु.    
शिमला मिर्च     45-50    100 रु.    
हरी मिर्च         40-50     100 रु.    
टिंडा           50-60    100 रु.    
     

  
दालों के भाव 
खाद्यान्न       19 जून       19 मई
 अरहर की दाल   180     140
उड़द धुली      150     120
 उड़द साबुत     135     110
चने की दाल    100      80
बेसन      100     80
 राजमा    150     130
 

मसाले व सूखे मेवे
मसाले       19 जून      19 मई 
गरम मसाला   1,200   900
 हल्दी    280     180
 लौंग       1,400     900
 बड़ी इलाइची   2,500     1,200
छोटी इलायची   5,000     3,500
 काजू      850     650
 मखाना    1,250     700
 
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ये बोले उपभोक्ता 
गर्मी में बीमारी से बचाव के लिए हरी सब्जी अधिक खाई जाती हैं। दाल, ड्राईफ्रूट, मसाले सभी महंगे हैं। -वर्षा त्यागी, शास्त्रीनगर 

सब्जी हो या दाल व ड्राईफ्रूट, सभी महंगे हैं। इतनी महंगाई में रसोई का बजट बिगड़ना तय है। -प्रीति राणा, डिफेंस एंक्लेव 

हम जैसे तैसे रसोई का बजट बनाती हैं, आए दिन बिगड़ जाता है। सभी खाद्यान्न के रेट बढ़ने से बड़ी समस्या है। -योगिता

सरकार को खाद्य सामग्री पर एक मुनाफा निर्धारित करना चाहिए। मुनाफाखोरी में जनता लुट रही है। -प्रतिभा
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