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Meerut News: देवतापुरम से देवलोक तक नालों की दानवलीला

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अमर उजाला....स्पोर्ट्स काम्पलेक्स के उत्तरी मार्ग की सड़क पर भरे बारिश के पानी के बीच से कुछ ऐस
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मेरठ। विश्व पटल पर क्रिकेट उत्पादों के लिए अलग पहचान रखने वाले मेरठ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में देवलोक कॉलोनी से देवतापुरम तक नालों की दानवलीला ने मुसीबत पैदा कर दी है। महज पांच फीट चौड़े नाले में औद्योगिक क्षेत्र के साथ आसपास के 18 मोहल्लों और कॉलोनियों का गंदा सड़कों पर घुटने के ऊपर तक लग जा रहा है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर मरीजों, उद्यमियों, कर्मचारियों और श्रमिकों का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया हैै। बीते चार दिन से बारिश नहीं हुई, लेकिन नाले ओवरफ्लो हैं। उद्योगों के आसपास नालों का गंदा पानी भरने से उत्पादन भी प्रभावित हो गया है।
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वर्ष 2000 में हुआ था 1 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण



स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉय प्रमोशन काउंसिल के नेशनल चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल बताते हैं कि वर्ष 2000 में ठाकुर अमरपाल सिंह के प्रयास से क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बैलेसिंग स्कीम के अंतर्गत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से परतापुर तक नाले का निर्माण हुआ। नाला निर्माण होने के बाद साल दर साल कई कॉलोनी बनी और कुछ का विस्तार हुआ। इसमें स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अलावा देवलोक कॉलोनी सी, ए और बी ब्लॉक, विश्व एंक्लेवर, मानसरोवर, शिवपुरम, देवतापुरम, नई बस्ती के 50 हजार से अधिक लोगों की जलभराव की समस्या खत्म हो गई। इस बीच बागपत रोड का गंदा पानी भी इस नाले में डालने का प्रयास किया गया। विरोध के कारण यह संभव नहीं हुआ। अब माधवपुरम, टीपीनगर, श्रीराम पैलेस सहित 18 मोहल्लों का भी पानी इसी नाले में आ रहा है। ऐसे में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है।



आरआरटीएस ने की गड़बड़ी, नगर निगम ने दी एनओसी



आईआईए के सचिव गौरव जैन के मुताबिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से परतापुर तक बने इस नाले में मुख्य समस्या स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से रिठानी पीर तक है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में कई जगह पर यू पाइप हैं। कई जगहों पर पुलिया छोटी है तो कई जगहों पर नाले को ही कवर कर लिया गया है। शताब्दी नगर मेट्रो स्टेशन पर नाले की डिजाइन निर्माण के दौरान गलत कर उसे घुमा दिया गया। सचिव गौरव जैन के मुताबिक इसके बावजूद नगर निगम ने एनओसी भी दे दी। मेट्रो स्टेशन के दोनों तरफ 100-100 मीटर तक ड्रेकेज नहीं बनाई गई।
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सड़क के दूसरी तरफ बनाई नाली, गंदा पानी वापस नाले में डाला



पीआर ( प्रीमियम लेगगार्ड ) के संचालक क्षितिज बताते हैं कि दिल्ली रोड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की दूसरी तरफ परतापुर तक नाला बनाया जाना था। ऐसे में सड़क के दोनों तरफ नाला होने से जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती। एमडीए ने रेलवे फाटक से शॉपरेक्स तक नाला निर्माण न करके नाली बनाई। इसकी लागत आठ करोड़ रुपये पूर्व के कई अधिकारियों ने बताई। शॉप्रिक्स मॉल से आगे नाली का निर्माण नहीं किया। इसके बजाय होटल मुकुट महल के बाद और ध्यानचंदनगर के सामने इस नाली के पानी को मुख्य नाले में डाल दिया गया। ऐसे में दिल्ली रोड की रेलवे फाटक से बिजली बंबा तक भी गंदा पानी इसी नाले में आने लगा।



गगोल रोड पर जाकर सूख जाता है यह नाला



आईआईए के सचिव गौरव जैन का कहना है कि गगोल रोड से आगे जाकर यह नाला पूरी तरह सूख जाता है। इसमें झाड़ियां उग गई हैं। झाड़ियों के बीच से थोड़ा-थोड़ा पानी निकलता रहा है। नाले की वहां तक सफाई भी नहीं की जाती है। उन्होंने बताया कि अब इस नाले में मेट्रो प्लाजा, पंजाबीपुरा, शारदा रोड आदि क्षेत्रों के पानी को डालने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देवलोक में जलभराव है। आने वाले कुछ दिनों में विश्व एंक्लेव, मानसरोवर, शिवपुरम, देवतापुरम से नई बस्ती तक जलभराव होना तय है।



यह बोले उद्यमी.....



स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मोहकमपुर सहित आसपास की कॉलोनी में बीते पांच साल से जलभराव की समस्या बहुत बढ़ गई। आरआरटीएस ने निर्माण के दौरान नालों का सही ढंग से निर्माण नहीं किया। - अंकित सिंघल, चेयरमैन, आईआईए।



शॉप्रिक्स मॉल से आगे शताब्दीनगर मेट्रो स्टेशन के नीचे पांच फीट चौड़े नाले के पानी को निकालने के लिए ढाई फीट चौड़ा पाइप डाला गया है। - आशीष गोयल, संचालक वंदना पैकेजिंग।



डेरियों से निकलने वाला गोबर का पानी, शराब की दुकान और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के आसपास अन्य ढाबा संचालक भी गंदगी नाले में ही आ रहा है। - विभोर अग्रवाल, मल्टी मैक्स इंजीनियरिंग।



रिठानी पीर के पास गेल गैस ने नाले के अंदर पाइप डाल रखे हैं। ऐसे में कूड़ा अवरुद्ध हो जाता है और पानी की निकासी में भी दिक्कत आती है। - तनुज गुप्ता, न्यूटेक इंडस्ट्रीज।



नालों में ही कूड़ा, कचरा डाल दिया जाता है। इसके अलावा समय पर सफाई कार्य नहीं होता है। नालों के ऊपर बहुत से लोगों ने स्लैब डाल रखे हैं। - अंबर आनंद, संचालक नेल्को इंडस्ट्रीज।

दिल्ली रोड पर नाला ओवरफ्लो था, क्योंकि शताब्दीनगर मेट्रो स्टेशन के पास पुलिया से पानी निकासी कम हो रही थी। इसके लिए पुलिया पर काम करने के साथ-साथ पानी निकासी के लिए दो पंप नगर निगम ने लगाए हुए हैं। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सफाई और पानी निकासी की जिम्मेदारी यूपीसीडा की है। जल्द ही नगर निगम यूपीसीडा के अफसरों से वार्ता कर स्थायी समाधान भी कराएगा। - सौरभ गंगवार, नगर आयुक्त

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