जानीखुर्द (मेरठ)। पवित्र कुरान के निर्देशों और सिद्धांतों के अनुसार हमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्य को सर्वोच्च और अन्य सभी चीजों से ऊपर मानना चाहिए। यह बात आरआरएस के पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने सोमवार को कस्बा सिवाल खास में मुस्लिमों की जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
कस्बा सिवालखास में आयोजित भारतीय सद्भावना मंच के तहत आयोजित जनसभा को में इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारतीयों के पूर्वज एक ही थे, इसलिए उनका डीएनए समान है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत में 99 फीसदी मुसलमान अपने पूर्वजों, संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के लिहाज से हिंदुस्तानी हैं। देश को धर्म, जाति के नाम पर न बंटने दें।
उन्होंने कहा कि धर्म, जाति, समुदाय से ऊपर उठकर देश के लिए काम करें, जिससे देश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि भारत माता हम सबकी थी, है और रहेगी। जिन्होंने इस मां के टुकड़े किए और करवाए उन्होंने ईश्वर, देश, मानवता और इंसानियत से गद्दारी और धोखा किया है। इसलिए आओ अपनी विरासत और वतन की खातिर नफरत मिटाएं।
उन्होंने कहा कि, इस्लाम में कहा गया है कि मां के कदमों में जन्नत है और देशभक्ति आधा ईमान है। ईश्वर ने इंसान की पहचान या तो किरदार से बनाई है या फिर वतन से बनाई है। किरदार अच्छा तो हम अच्छे, किरदार बुरा तो हम बुरे। कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय सद्भावना मंच के राष्ट्रीय संयोजक शकील रजा सिवाल रहे। संचालन अशफाक इंजीनियर ने किया।
इस मौके पर मां कल्पना साध्वी, जियारत मलंग, अफसर मलंग, सांसद सत्यपाल सिंह की पत्नी अलका, धर्म सिंह जाटव, डाॅ. इशरार, अनवार कुरैशी, फिरोज, शादाब चौहान, फैसल चौहान, रुस्तम चौहान, मतलूब, शब्बीर आदि मौजूद रहे।