फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय कंपनियां करेंगी अब सैन्य उत्पादों का निर्माण, स्वदेशी कारोबार को मिलेगा बढ़ावा, मेरठ की होगी अहम भूमिका

Mon, 10 Aug 2020 04:32 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
आर्मी की वर्दी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सैन्य क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादों की धमक बढ़ने से मेरठ सहित पश्चिमी उप्र की औद्योगिक इकाइयों की भागीदारी बढ़ेगी। सेना के लिए वाहन, कपड़े, हथियार सहित अन्य उत्पाद बनाने में जब बड़ी कंपनियां निवेश करेंगी तो उसका लाभ मेरठ की इकाइयों को मिलना निश्चित है। वर्तमान में मेरठ में टेफलॉन वायर, ईडीएम वायर से लेकर मशीनों के कलपुर्जों, शीशा बनाने का काम बड़े स्तर पर होता है। सैन्य क्षेत्र में भारतीय कंपनियों की सक्रियता बढ़ने के बाद इन औद्योगिक इकाइयों में भी काम और रोजगार बढ़ेगा। 

विज्ञापन


रक्षामंत्री ने कहा है कि अब सैन्य क्षेत्र के 101 उत्पादों को विदेशों से आयात नहीं किया जाएगा। सेना के लिए यह उत्पाद भारतीय कंपनियां ही तैयार करेंगी। इसमें हथियारों से लेकर वाहन, कपडे़, जूते व अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। रक्षामंत्री के इस फैसले से स्वदेशी कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इसका बड़ा लाभ मेरठ व पश्चिमी उप्र के जिलों को मिलने की पूरी उम्मीद है। मेरठ व नोएडा में अभी गारमेंट, मशीनरी पार्ट्स, तार व कलपुर्जों का निर्माण बड़े पैमाने पर होता है। भारतीय रेलवे से लेकर बड़ी कंपनियों के लिए मेरठ से पार्ट्स बनकर जाते हैं। 

सहायक इकाई के रूप में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी 
सैन्य क्षेत्र में स्वदेशी अपनाओ के नियम का पालन होने पर पश्चिमी उप्र की इकाइयों को सहायक इकाई के रूप में काम करने का बड़ा अवसर मिलेगा। क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयां प्रमुख निर्माता कंपनी नहीं बन सकती, मगर बड़ी निर्माता कंपनियों के लिए माल बनाकर यहां से भेज सकती हैं। वर्तमान में भी मेरठ से खेल, खाद्य व मशीन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कई सहायक इकाइयां संचालित हैं। डिफेंस कॉरिडोर के किनारे बसने वाले औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी इकाइयां मेरठ व आसपास के जिलों में अपनी सहायक इकाई बना सकती हैं। शिप की कील, ऑटो पार्ट्स, हेलमेट, बुलेट प्रूफ जैकेट, कवच, हॉलीवुड फिल्मों के हथियार भी मेरठ से बनकर जाते हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: यूपी: पशुओं के अवशेष देख भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, गाड़ी में जमकर तोड़फोड़, देखिए तस्वीरें

विज्ञापन

जेट के पंखे, इसरो के लिए वायर का निर्माण 
मेरठ की औद्योगिक इकाइयों में बने सामान की वर्तमान में सुरक्षा एजेंसियों को आपूर्ति होती है। अभी छोटे स्तर पर सामान जाता है। जब बड़ी संख्या में सैन्य उत्पाद देश में ही बनेंगे तो इन इकाइयों की उत्पादन क्षमता भी विस्तृत होगी। मेरठ से इसरो के लिए टेफलॉन वायर सप्लाई होती है। ईडीएम वायर, जेट व बोइंग के लिए पंखे बनते हैं। ऑटो पार्ट्स, मशीन के कलपुर्जे भी बनते हैं, जो देशभर में सप्लाई होते हैं।  

डिफेंस एक्सपो के बाद शोध कार्य शुरू
पिछले दिनों हुए डिफेंस एक्सपो में प्रदेश सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर में कंपनियों को निवेश करने की बात कही है। डिफेंस एक्सपो के बाद नोएडा की कुछ कंपनियों ने इस क्षेत्र में शोध कार्य शुरू कर दिया है। डीआरडीओ की मदद भी इसमें ली जा रही है। नोएडा में कंपनियां आने पर इसका लाभ मेरठ को रोजगार व कारोबार दोनों में मिलेगा।

छोटे आइटम बनाने का काम होगा
मेरठ सहित पश्चिमी उप्र में कई औद्योगिक इकाइयां हैं जो मेकेनिकल पार्ट्स, कलपुर्जे बनाती हैं। सैन्य उत्पाद बनने पर इन औद्योगिक इकाइयों को सहायक इकाई के रूप में काम मिलेगा। कपड़े, जूते, मशीनरी पार्ट्स सहित कई छोटे आइटम बनाने का काम इलाके की इकाइयों में हो सकता है। - पंकज गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें