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बदलाव: बासमती के बदले इराक से भारत को मिलेगा तेल, दोनों देशों के बीच नया समझौता

Mon, 07 Jan 2019 10:33 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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इराक अब भारत को बासमती के बदले तेल (क्रूड ऑयल) देगा। जी हां, इससे पहले दोनों देशों के बीच डॉलर में व्यापार होता था। अब वस्तु विनिमय प्रणाली अपनाते हुए चावल के बदले तेल आयात किया जाएगा। चूंकि इराक के अमेरिका से रिश्ते खराब चल रहे हैं ऐसे में भारत और इराक के बीच बासमती और कच्चे तेल के लेनदेन पर सहमति बनी है।

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मेरठ के बासमती की विदेशों में लगातार धमक बढ़ती जा रही है। बासमती में अधिक पेस्टीसाइड का प्रयोग करने पर कुछ देशों ने चिंता जताई थी, फिर भी इसका स्वाद विदेशियों को भा रहा है। एक महीने पहले यूरोप और सऊदी अरब की टीमें आई थीं। अब एक सप्ताह पहले इराक का तीन सदस्यीय दल बासमती केंद्र पर पहुंचा।

यहां प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा के साथ बैठक की। डॉ. रितेश शर्मा के अनुसार टीम के साथ बासमती की क्वालिटी पर बात हुई थी। साथ ही सदस्यों ने निर्यात बढ़ाने की बात भी कही थी। इराक पहले डॉलर में व्यापार करता था, लेकिन अमेरिका से रिश्ते खराब होने के चलते वहां की इराक सरकार ने भारत सरकार से बासमती के बदले तेल देने पर सहमति जता दी है। इससे बासमती का निर्यात बढ़ेगा और देश को पर्याप्त तेल मिल सकेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इराक पहला ऐसा देश है जो बासमती के बदले भारत को तेल सप्लाई करेगा।

इराक में निर्यात बासमती का ब्योरा 
वर्ष        
       निर्यात                   आमदनी (करोड़ में)
2014-15      2 लाख 36 हजार        1588 
2015-16     4 लाख 20 हजार         2231
2017-18     4 लाख 30 हजार         2806  
2018-19     2 लाख 19 हजार        1577 
नोट: निर्यात मीट्रिक टन और आमदनी करोड़ में है। 2018-19 का आंकड़ा अप्रैल से अक्तूबर तक का है।

मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
इन देशों में होता है निर्यात 
देश      
         प्रतिशत 
ईरान             21.7 
सऊदी अरब     20 प्रतिशत 
यूएई             10.5 प्रतिशत 
इराक            10.4 प्रतिशत 
यूरोप             9 प्रतिशत    
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कई देशों ने किया चिंतन 
भारत के बासमती की डिमांड एशिया और यूरोप के कई देशों में है। इसकी डिमांड लगातार बढ़ी है, लेकिन पिछले एक-दो साल से निर्यात में कुछ कमी आई है। इसका  कारण बासमती में बढ़ते पेस्टीसाइड से है। पिछले दिनों यूरोप, सऊदी अरब, जापान, यूएई के प्रतिनिधि मोदीपुरम के बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान केंद्र पर आए थे। सभी ने पेस्टीसाइड के अधिक इस्तेमाल पर चिंता जताई थी। प्रतिनिधियों ने कुछ सुझाव भी वैज्ञानिकों को दिए थे।

दोनों देशों के बीच नया समझौता
दोनों देश के बीच इस नए समझौते को लेकर निर्यातकों ने भी बैठक की। इसमें निर्यात को बढ़ाने पर गंभीरता से चर्चा हुई। - डॉ. रितेश शर्मा, प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक बीईडीएफ 
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