रविवार को रामबाग कॉलोनी पहुंचे ईरान के स्कॉलर डॉ. अलीजादे मुसवी ने भारत व ईरान के मजबूत रिश्तों को लेकर विचार रखे। जबकि कोरोना महामारी से निपटने में दोनों देशों को एक साथ मिलकर लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए भूमि पूजन के दौरान देश में दो अलग कम्युनिटी के लोगों ने शांति कायम रखी, जो काबिल ए तारीफ है।
रविवार को रेलवे रोड मनसबिया अरेबिक कॉलेज में हॉस्टल की नींव रखने और लाइब्रेरी का उद्घाटन करने के लिए ईरान के स्कॉलर डॉ. अलीजादे मुसवी मेरठ पहुंचे। डॉ. मुसवी ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली होसैनी ख़ामेनेई के बेहद करीबी भी हैं और भारत के ऑपरेशन देखते है।
कार्यक्रम से पहले डॉ मुसवी नौचन्दी स्थित रामबाग कॉलोनी में मौ. बाकर जैदी के आवास पर पहुंचे और मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा यूएस ने कई बार भारत और ईरान के रिश्ते खराब करने का प्रयास किया। लेकिन वो गलत साबित हुए। कोरोना वायरस महामारी के बारे में डॉक्टर मुसवी ने बताया यूएस जैसे सम्पन्न देश ने दूसरे देशों से दवाई इम्पोर्ट की, लेकिन भारत और ईरान खुद इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। दोनों देशों को एक साथ मिलकर कोरोना से लड़ना चाहिए।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन पर उन्होंने कहा कि यह देश का आंतरिक मुद्दा है। लेकिन संवेदनशील मुद्दे पर दो अलग अलग कम्युनिटी के लोगों ने सौहार्द का परिचय दिया। इस दौरान दिल्ली जमीयतुल फातिमा के चेयरमैन कमर हसनैन जैदी, शुऐब जफर, मौ. बाकर जैदी, खुर्शीद जैदी, मौलाना अफजाल हुसैन, एडवोकेट अनवार, सगीर जैदी, डॉ. रेहान जैदी, सुहैल जैदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।