दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल का सफर कराने के लिए अभी शहर में कई बाधाएं सामने हैं। जिनका अभी निस्तारण किया जाना है। भैंसाली बस अड्डे पर बनाए जाने वाले रैपिड रेल स्टेशन के लिए वर्कशॉप को बाहर किया जाना है लेकिन शासन स्तर तक बात पहुंचने के बाद भी एनसीआरटीसी को जमीन मिलने का इंतजार है। हालांकि, 17 जुलाई को एमडीए की होने वाली बोर्ड बैठक में जमीन का प्रस्ताव रखा जाएगा।
इस स्थान पर भूमिगत रैपिड रेल स्टेशन बनाए जाने के लिए वर्कशॉप की जमीन ली जानी है। एनसीआरटीसी ने मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट के लिए प्लान तैयार किया था। जिसमें एक ही स्थान से बस और ट्रेन यात्रियों को मिल सकें। हालांकि, एनसीआरटीसी की तरफ से वर्कशॉप के अंदर पाइल लोड टेस्ट किया जा चुका है। एमडीए ने परिवहन विभाग को शताब्दीनगर में जमीन देने के लिए कहा था। यहां वर्कशॉप के लिए साढे़ तीन हेक्टेयर जमीन दी जा रही थी, लेकिन परिवहन विभाग मुफ्त में एमडीए से जमीन मांग रहा है। इस संबंध में शासन स्तर पर और भी वार्ता हो चुकी हैं।
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यह है मामला
एनसीआरटीसी ने रैपिड रेल के स्टेशन निर्माण के लिए बस अड्डे को ढाई साल के लिए शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया था। वहीं, वर्कशॉप की जमीन में ही एनसीआरटीसी रैपिड स्टेशन बनाएगी। फिलहाल वर्कशॉप, डिपो की करीब 12 हजार वर्ग मीटर जमीन एनसीआरटीसी लेगा। वहीं, शताब्दीनगर में वर्कशॉप के लिए साढ़े तीन हेक्टेयर जमीन तलाश की गई थी। इसकी एमडीए ने 35 करोड़ कीमत बताई थी।
एमडीए सचिव प्रवीणा का कहना है कि इस बारे में बोर्ड बैठक में चर्चा की जाएगी। जिससे रैपिड रेल को अड्डे की वर्कशॉप की जमीन दी जा सके। फाइल तैयार की जा रही है।
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