मेरठ। आयकर विभाग (इनकम टैक्स) की टीम ने बृहस्पतिवार को वेस्ट यूपी के मेरठ और शामली जिले में ताबड़तोड़ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान टीम के साथ पुलिस समेत पीएसी फोर्स मौजूद रही।
आयकर विभाग की टीम ने आय से अधिक संपत्ति की सूचना मिलने पर शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी एवं पूर्व चेयरमैन के घर पर बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे छापामारी की। छापे के दौरान मकान से करीब ढाई करोड़ रुपये नकदी और करीब सवा करोड़ रुपये की जेवरात मिलने की आशंका जताई गई है। उधर, बृहस्पतिवार दोपहर व्यापारी के बेटे की सेहत बिगड़ गई। घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था काफी चौकस रही।
बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे आयकर विभाग के कमिश्नर योगेश नैय्यर के नेतृत्व में गाजियाबाद और मेरठ से आयकर विभाग की टीम शामली पहुंची। पुलिस और पीएसी के साथ टीम ने शहर के जवाहरगंज मंडी स्थित पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय रमेशचंद गुप्ता के मकान को घेर लिया। मकान में रमेशचंद गुप्ता के भाई सतीश चंद, राहुल पुत्र सतीश चंद तथा महिलाएं भी मौजूद थीं। परिवार के सभी लोगों को मकान में नजरबंद कर दिया गया। किसी को भी बाहर नहीं निकलने दिया गया। इसके बाद मकान के अंदर टीम ने छानबीन प्रारंभ कराई। दोपहर में आयकर विभाग की टीम ने ताले खोलने वाले कारीगर को बुलवाया। कारीगर की मदद से मकान के अंदर अलमारी और अन्य गोपनीय तालों को खुलवाया गया। इसके अलावा बेड, सोफे आदि खोलकर भी छानबीन की गई। छापे की सूचना पर व्यापारी नेता भी मौके पर पहुंचे। टीम ने दो बार में चार लोगों को अपने साथ मकान में ले जाकर छानबीन की कार्रवाई दिखाई, जिसके बाद व्यापारियों को लौटा दिया गया। टीम के सदस्यों ने बताया कि आयकर विभाग के उच्चाधिकारियों को व्यापारी के अकूत संपत्ति के बारे में इनपुट मिलने के बाद कार्रवाई की गई। टीम में शामिल अन्य अधिकारियों ने इस मकान के अलावा कैराना रोड स्थित गगन बैंक्वेट हाल तथा मुर्गी फार्म पर भी छापा मारा। इन फर्मों में रमेश चंद गुप्ता के परिवार की साझीदारी बताई जाती है। छापे में करीब ढाई करोड़ रुपये नकदी और सवा करोड़ रुपये की जेवरात के अलावा कुछ अहम दस्तावेज मिले है। इस संबंध में टीम ने अधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है। टीम ने बताया कि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी।
व्यापारी के बेटे की सेहत बिगड़ी
छापे के दौरान बृहस्पतिवार दोपहर ही सतीश चंद गुप्ता के बेटे राहुल गुप्ता की तबीयत खराब हो गई। चिकित्सक को बुलाकर राहुल के स्वास्थ्य का चेकअप कराया गया, लेकिन टीम ने उन्हें घर से बाहर ले जाने से इंकार कर दिया। शाम करीब छह बजे जब राहुल की हालत बिगड़ने लगी, तो एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल भेजवाया गया।
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