आयकर विभाग मेरठ और गाजियाबाद की संयुक्त टीम ने मंगलवार को हरीश प्लाइवुड इंडस्ट्रीज के पांच ठिकानों पर एक साथ सर्वे और सर्च अभियान चलाया। शुरुआती 12 घंटे की जांच में 93 लाख से अधिक कैश और लाखों रुपये के आभूषणों का ब्योरा लिया गया।
आय से अधिक संपत्ति, काउंटर सेल को छिपाना, अंडर बिलिंग कर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के मामले में आयकर विभाग की पांच टीमों ने दिल्ली रोड जगदीश मंडप के सामने हरीश प्लाइवुड शोरूम, जगन्नाथपुरी स्थित आवास, गगोल रोड स्थित प्लांट और सिवाया क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनऊ स्थित प्लांट में भी जांच की गई।
हरीश प्लाइवुड इंडस्ट्री का संचालन मनीष, सुनीश और निधिश तीनों भाई और मनीष के बेटे करते हैं। सबसे छोटे भाई निधिश दिल्ली रोड स्थित शोरूम पर बैठते हैं। मंझले भाई सुनीश गगोल रोड स्थित लेमिनेट प्लांट का संचालन करते हैं। बड़े भाई मनीष संयुक्त रूप से शोरूम और प्लांट दोनों की व्यवस्था देखते हैं। गाजियाबाद एवं मेरठ अपर निदेशक आयकर जांच राजेश चंद्रा और मेरठ आयकर विभाग सहायक निदेशक राजीव प्रसाद के आदेश पर शनिवार को जांच दस्ते की चार टीमें सुबह सात बजे मेरठ में हरीश प्लाइवुड इंडस्ट्रीज के ठिकानों पर पहुंचीं।
जगन्नाथपुरी आवास पर सात गाड़ियों में 14 जांच अधिकारियों ने तीन मंजिला मकान में जांच की। इस दौरान घर में मनीष उनकी पत्नी रीमा, बेटा और बेटी के साथ छोटा भाई सुनीश उनकी पत्नी ममता, निधिश और उनकी पत्नी राखी मौजूद थीं। दिल्ली रोड स्थित शोरूम को आयकर अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में खुलवाया। कागजात और बिलों की सुबह से शाम तक टीम के द्वारा जांच की गई। इस दौरान टीम गगोल रोड स्थित फैक्टरी में भी पहुंची। जांच के दौरान किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुबह से शाम तक एक के बाद एक रोडवेज स्थित आयकर कार्यालय से अधिकारी आते रहे। दोपहर में टीम के लिए खाना भी बाहर से मंगवाया गया। सभी जांच स्थलों पर पुलिस तैनात रही।
टैक्स चोरी का बड़ा खेल
प्लाइवुड और सनमाइका के बिजनेस में अंडर बिलिंग कर टैक्स चोरी का मामला आयकर विभाग द्वारा जांच में केंद्र बिंदु रहा। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार काउंटर और फैक्टरी सेल को छिपाया जा रहा है। बिना बिल के प्रतिदिन लाखों रुपये की कैश सेल की जा रही है।
कई समाजिक संगठनों से जुड़े मनीष
हरीश प्लाइवुड के संचालक मनीष रोटरी क्लब के साथ कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं। रोटली क्लब में रहकर वह शहर में सक्रिय रूप से कई सामाजिक कार्य भी कर रहे हैं। इसके साथ ही वह प्लाइवुड एसोसिएशन से जुड़े है।
पार्टनरों के बीच विवाद
आयकर छापामारी में पार्टनरों के बीच पैसे के बटवारे को लेकर विवाद भी चर्चा का विषय रहा। हरीश प्लाइवुड के संचालक मनीष की बागपत रोड क्षेत्र निवासी उद्यमी के साथ पार्टनरशिप फर्म है। विवाद होने पर दोनों पार्टनर अलग हो गए। कागजों में भी अभी फर्म संचालित है। ऐसे में टीम ने इन विषयों पर भी जांच की।
शहर में बनाया 10 करोड़ का मकान
शहर के बीच में अभी कुछ साल पूर्व ही मनीष, सुनीश और निधिश ने ट्रिपल स्टोरी मकान बनाया। दिल्ली रोड और ट्रांसपोर्टनगर के बीच जगन्नाथपुरी क्षेत्र में यह सबसे बड़ा मकान है। मकान निर्माण में 10 करोड़ से अधिक खर्च आया। मकान में सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध है। इतना बड़ा खर्च कर मकान का निर्माण के चलते भी हरीश प्लाइवुड ग्रुप आयकर विभाग के निशाने पर आ गया।