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IT का छापा : 33 घंटे की गहन जांच के बाद आयकर विभाग ने साधी चुप्पी  

Sun, 18 Jun 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आयकर विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को सिंचाई विभाग के वर्तमान और पूर्व चीफ इंजीनियरों के साथ ही दो ठेकेदारों के यहां एक साथ छापामारी की। दस ठिकानों पर दस टीमें गठित कर की गई इस सघन छापामारी में सभी जगहों से 73.50 लाख रुपये से अधिक कैश और करीब 59 लाख रुपये कीमत की ज्वैलरी, संपत्तियों के कागज सीज किए गए। करीब 33 घंटे की गहन जांच के बाद इन टीमों के अधिकारी लखनऊ से ब्रीफिंग होने की बात कहकर चुपचाप निकल गए।
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आयकर विभाग ने शुक्रवार को नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर में एक साथ छापामारी की। यह छापामारी सिंचाई विभाग के मेरठ में तैनात चीफ इंजीनियर सुधीर शर्मा के कार्यालय, सरकारी आवास के साथ ही नोएडा स्थित आवास, पूर्व चीफ इंजीनियर पुष्पेंद्र कुमार गोयल के वसुंधरा गाजियाबाद स्थित आवास और ऑफिस, सिंचाई विभाग के ठेकेदार अजय कुमार चौधरी के मुजफ्फरनगर के ग्राम जमालपुर स्थित आवास, मेरठ के गंगानगर में कृष्णा गार्डन स्थित आवास, गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा के ऑफिसों तथा एक दिल्ली निवासी ठेकेदार के यहां सर्च अभियान शुरू किया था।

शनिवार तक चली सर्च
आयकर विभाग की टीमों ने गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली का सर्च अभियान शुक्रवार रात पूरा कर लिया था। लेकिन मेरठ और मुजफ्फरनगर में यह सर्च लगातार चली। शनिवार शाम सभी टीमें एक साथ रवाना हुईं। जबकि रात में दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की टीमें भी मेरठ आ गयी थी। इन टीमों का नेतृत्व आयकर विभाग की विजिलेंस शाखा के डिप्टी डायरेक्टर एमके जैन और इंटेलीजेंस शाखा के डिप्टी डायरेक्टर प्रद्युमभन कुमार कर रहे थे।
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सफलता मिली, लेकिन सवाल उठे
आयकर विभाग की टीमों ने सुधीर शर्मा और ठेकेदार अजय चौधरी के यहां लगातार पड़ताल की। अजय के गाजियाबाद और नोएडा कार्यालयों से मिले कागजातों को भी टीम मेरठ ले आयी और उनकी पड़ताल शुरू हुई। विभागीय सूत्रों के अनुसार अजय के मुजफ्फरनगर और मेरठ स्थित आवासों से बड़ी बैनामी संपत्तियों के अभिलेख बरामद हुए हैं। इनमें एक बड़े क्षेत्रफल की जमीन पूर्व चीफ इंजीनियर पुष्पेंद्र कुमार गोयल और अजय चौधरी आदि के नाम पर संयुक्त रूप से बिजनौर जनपद के खादर में है। इसके अलावा अजय के घर से मिले 55 लाख रुपये तो सीज किए गए। लेकिन घर में मिले करीब ढाई किलो सोने, चांदी व रत्न आभूषणाें को आयकर विभाग ने छोड़ दिया। क्योंकि इन अफसरों का मानना था कि तीन भाईयों और इतनी बड़ी फर्म के मालिक होने के बाद इतनी सोने की ज्वैलरी होना स्वाभाविक है। जबकि संपत्तियों के कागजात कब्जे में ले लिए हैं। लेकिन विभाग ने लॉकर नहीं खंगाले।

लखनऊ से होगी ब्रीफिंग
सर्च अभियान पूरा करने के बाद जब टीमें चीफ इंजीनियर सुधीर शर्मा और अजय चौधरी के आवासों से निकलीं तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इस दौरान टीम को लीड कर रहे डिप्टी डायरेक्टर विजीलेंस एमके जैन ने कहा कि हम पूरा रिकॉर्ड तैयार कर लखनऊ मुख्यालय भेज रहे हैं। क्योंकि कार्रवाई वहीं के आदेश पर हुई थी, तो लखनऊ कार्यालय से ही इस सर्च की ब्रीफिंग होगी।
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