मंडलायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि डीएम चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन मुहैया कराएंगे। आय को बढ़ाने देने के लिए बतौर ट्रायल तय किया कि शहर के एक रास्ते को नो ई-रिक्शा जोन बनाकर सिटी बसों का संचालन किया जाए। यदि लोगों को सहूलियत और पर्याप्त सवारियां मिलती हैं, तो उसे नियमित किया जाए।
टीओडी प्रोजेक्ट के तहत बन रहे चार आरआरटीएस प्रोजेक्ट स्टेशन तथा आसपास के क्षेत्र को विकसित करने के बारे में चर्चा की। इस दौरान डीएम दीपक मीणा, एमडीए उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव, रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा, आरटीओ प्रशासन हिमांशु तिवारी मौजूद रहे।
फिलहाल परतापुर व रामराज के लिए नहीं चलेंगी बसें
बैठक में सिटी बसें मेरठ से मवाना, परतापुर और रामराज के लिए चलाने पर मंथन हुआ। रोडवेज की तरफ से कहा गया कि आरआरटीएस का काम होने की वजह से परतापुर के लिए बस नहीं चलाई जा सकती है। रामराज के लिए बसें चलाने की भी स्थिति नहीं है, क्योंकि रोड खराब है। मवाना के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है।
यातायात व्यवस्था पर 21 को मंथन
शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए मंडलायुक्त ने 21 दिसंबर को बैठक बुलाई है। प्रशासनिक अधिकारी शरद गुप्ता की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि बैठक आयुक्त सभागार में होगी। इसमें डीएम, एसएसपी, नगर निगम आयुक्त, एमडीए उपाध्यक्ष आदि को बुलाया गया है।