मासूमों और युवाओं को नशे की तरफ धकेलने के लिए ड्रग्स माफियाओं ने नया खेल शुरू किया है। टॉफी की पैकिंग में नशे की डोज बेची जा रही है। किसी पैकिंग में महादेव का गोला बताकर भांग मिश्रित गोला बेचा जा रहा है, तो कहीं पर मुनक्का के नाम पर नशा दिया जा रहा है। अहम बात ये है माफिया ने नशे को बेचने के लिए रेलवे स्टेशन से लेकर स्कूलों के बाहर तक ठिकाने बना लिये हैं। छात्र और युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। अंकुश लगाने के लिए कोर्ट ने भी स्कूलों के बाहर गुटखा, बीड़ी आदि के साथ तमाम नशीले पदार्थों की बिक्री को प्रतिबंधित कर रखा है।
भांग मिश्रित महादेव का गोला
अमर उजाला टीम ने जब ऐसे ही कुछ नशीले पदार्थों की पड़ताल शुरू की तो पाया गया कि इस वक्त सबसे ज्यादा महादेव का गोला नाम से नशीला खाद्य पदार्थ बिक रहा है। टॉफी जैसी पेकिंग में दो रुपये के इस गोले में भांग मिश्रित होती है, जिससे हलका नशा होता है। सूत्रों के अनुसार यह ऐसा नशा है जो यदि प्रतिदिन खाया जाये तो खाने वाला इसका आदी हो जाता है और भविष्य में इसकी डोज बढ़ाता चला जाता है। नशीले पदार्थों में मुनक्का नाम से भी एक उत्पाद बाजार में उपलब्ध है। इसमें भी नशीला पदार्थ मिला होता है। जिसके खाने नशा होता है। जबकि कुछ चूर्ण की गोलियों की पैकिंग भी नशे के लिए बाजार में हैं। इनके खाने से भी नशा होता है।