नई सरकार में मेट्रो के प्रोजेक्ट की रफ्तार थम गई है। प्रदेश सरकार ने इशारों ही इशारों में प्रोजेक्ट पर काम बंद करने के लिए कह दिया है। योगी सरकार के एजेंडे में फिलहाल रैपिड ट्रेन है। सपा सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के कारण भाजपा इससे हाथ खींच रही है।
मेरठ में मेट्रो ट्रेन चलाने का प्रस्ताव जोरशोर से तैयार किया गया था। दरअसल सपा सरकार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसकी डीपीआर भी तैयार की जा चुकी है। सभी स्टेशन फाइनल हो चुके हैं। पिछले साल 30 जून को यह डीपीआर तत्कालीन मुख्य सचिव ने अनुमोदित कर दी थी। कहा था कि इसे अब कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। वहां से अनुमोदन के बाद इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा जाना था। तब से यह प्रस्ताव कैबिनेट में गया ही नहीं है। उधर दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड ट्रेन के प्रस्ताव पर लखनऊ में बैठक हुई। इस मौके पर नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने रैपिड की डीपीआर का मुख्य सचिव राहुल भटनागर के सामने प्रजेंटेशन किया। मुख्य सचिव ने भी कहा कि जल्द ही केंद्र सरकार के साथ इस बाबत एमओयू साइन किया जाए और फंड के लिए भी डीटेल तैयार की जाए। इसी सप्ताह केंद्रीय मंत्री वैकेया नायडू ने लखनऊ में विभिन्न प्रस्तावों पर बैठक ली। इस बैठक में भी रैपिड ट्रेन को हरी झंडी दे दी गई।
पत्र व्यवहार भी न करें अधिकारी
बैठक में प्रदेश और केंद्र दोनों ही सरकारों ने इशारा कर दिया कि मेरठ मेट्रो के प्रस्ताव को फिलहाल भूल जाओ। इस बाबत इसे जुड़े अधिकारियों को भी कहा गया है कि इसके लिए ज्यादा पत्र व्यवहार न करें। फिलहाल रैपिड ट्रेन पर बात करें और इसे ही आगे बढ़ाएं। चूंकि रैपिड केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है और इस समय केंद्र और प्रदेश दोनों में ही भाजपा की सरकार है। कहा यह जा रहा है कि मेट्रो को सरकार इसलिए आगे बढ़ाना नहीं चाहती क्योंकि यह पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसका क्रेडिट सरकार भला पिछली सरकार को क्यों दे?
मेट्रो के प्रस्तावित स्टेशन
प्रथम कॉरीडोर में 16 स्टेशन तय किए गए थे। इसमें परतापुर, डीएन पॉलीटेक्निक, रिठानी, शताब्दीनगर, संजयवन, ब्रह्मपुरी, बागपत रोड क्रासिंग, रेलवे रोड चौराहा, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कालोनी, सोफीपुर, डोरली, गुरुकुल, पल्लवपुरम, व मोदीपुरम हैं। द्वितीय कॉरीडोर में 13 स्टेशन हैं। श्रृद्धापुरी फेस-2, कंकरखेड़ा, मेरठ कैंट, रजबन बाजार, बेगमपुल, बच्चापार्क, शाहपीर गेट, हापुड़ अड्डा चौराहा, गांधी आश्रम, मंगलपांडे नगर, तेजगढी, मेडिकल कालेज व जागृति विहार एक्सटेंशन हैं। उन्होंने बताया कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की औसत दूरी प्रथम कॉरीडोर में 1.2 किमी व द्वितीय कॉरीडोर में 1.1 किमी होगी।