जंबूद्वीप परिसर में स्थित कमल मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
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हस्तिनापुर(मेरठ)। जम्बूद्वीप स्थल पर कमल मंदिर में विराजमान भगवान महावीर का सप्तरंगी पंचामृत अभिषेक दूध, जल, दही, घी, सर्वोषधि, चंदन, पुष्पवृष्टि, सुगंधित जल से किया गया। भगवान के मस्तक पर महा शांतिधारा की गई।
परमपूज्य गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ने गुरु पूर्णिमा का महत्व बताते हुए कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं, उसका जीवन शुरू नहीं। क्योंकि भगवान तक पहुंचने का मार्ग गुरु ही बताते हैं। सबसे पहले गुरु माता-पिता होते हैं। क्योंकि वह बुराई-अच्छाई के बारे बताते हैं। इसलिए सदैव अपने माता-पिता को सर्वश्रेष्ठ स्थान देते हुए उनके प्रति विनय और श्रद्धा का भाव मन में रखना चाहिए। विजय कुमार जैन ने बताया कि आज आचार्य वीर सागर महाराज का जन्मदिवस है। जो कि गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी के गुरु हैं। इस अवसर पर उनकी प्रतिमा का अभिषेक किया गया एवं उनके चरणों में श्रद्धापूर्वक अर्घ्य उमेश, सरिता जैन ने समर्पित किया। पीठाधीश रवींद्र कीर्ति स्वामी व संस्थान पदाधिकारियों ने पूज्य गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता के चरण प्रक्षाल किए। शाम को मंगल आरती की गई। समस्त कार्यक्रम प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता के मार्गदर्शन में किए गए।