साठगांठ कर शिक्षकों को मनचाहे स्कूलों से कर दिया संबद्ध
मेरठ। बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों ने साठगांठ करते हुए शिक्षकों को मनचाहे स्कूलों में तैनाती दे दी है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश के आदेश को भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ताक पर रखते हुए गलत रिपोर्ट भेज दी है कि जिले में कोई भी शिक्षक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में संबद्ध (अटैचमेंट) नहीं है। जबकि जिलाधिकारी को गोपनीय ढंग से जानकारी मिली है कि पूरे जिले में 50 से अधिक शिक्षक अलग-अलग स्कूलों में संबद्ध हैं। मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है।
जिले में 910 प्राथमिक विद्यालय और 434 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर आरोप है कि हस्तिनापुर परीक्षितगढ़ और देहात के अन्य ब्लाकों में तैनात 50 से अधिक शिक्षकों को उनके मनचाहे स्कूलों में संबद्ध कर दिया है। सबसे ज्यादा मेरठ ब्लॉक के अलावा रजपुरा और नगर क्षेत्र में शिक्षकों को तैनात किया गया है। इस संबंध में पूर्व में शिक्षकों ने गोपनीय ढंग से सीडीओ को शिकायत भी भेजी थी।
उत्तर प्रदेश महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए थे कि किसी भी शिक्षक को किसी भी विद्यालय से संबद्ध नहीं किया जाएगा। आरोप है कि बीएसए मेरठ ने महानिदेशक को गलत तरीके से रिपोर्ट भेज दी, जिसमें कहा है कि मेरठ में कोई भी शिक्षक किसी भी विद्यालय से संबद्ध नहीं है। एक शिक्षक नेता ने आरटीआई में जवाब मांगा तो इन्हें भी मनचाहे स्कूल में भेज दिया गया।
अमर उजाला के पास सुरक्षित हैं संबद्ध आदेश
अमर उजाला टीम के पास संबद्ध किए गए शिक्षकों के मूल विद्यालय और उन्हें जिस विद्यालय में संबद्ध किया गया है, उस आदेश की कॉपी सुरक्षित है। एक शिक्षक नेता को परीक्षितगढ़ ब्लॉक में मूल विद्यालय से हटाकर दूसरे विद्यालय में संबद्ध किया गया है। 2 जुलाई को ही कन्या फफूंडा विद्यालय से शिक्षिका को प्राथमिक विद्यालय अलीपुर जिजवाना में संबद्ध किया गया। 7 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय गगोल से शिक्षक को प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर में संबद्ध किया गया। भूपगढ़ी जानी खुर्द में कार्यरत शिक्षक को गगोल विद्यालय से संबद्ध किया गया। अन्य शिक्षकों के संबद्ध होने के आदेश की कॉपी भी सुरक्षित है। सबसे ज्यादा महिला शिक्षक संबद्ध की गई हैं।
वर्जन...
जिले में कोई भी शिक्षक किसी भी विद्यालय से संबद्ध नहीं है। इस संबंध में रिपोर्ट महानिदेशक को भी भेजी गई थी। सभी शिक्षक अपने मूल विद्यालय में ही हैं। - सतेंद्र ढाका, बीएसए
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शिक्षकों को अलग-अलग स्कूलों में संबद्ध करने के मामले में गहनता से जांच कराई जा रही है। यदि किसी भी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो इस संबंध में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शासन के निर्देशों का पालन कराया जाएगा। - अनिल ढींगरा, डीएम, मेरठ