मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र में रोडवेज बसों को प्रतिदिन 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। अधिकारी व कर्मचारियों ने रोडवेज की आय कम होने का मुख्य कारण शहर की सड़कों पर चलने वाली डग्गामार बसों को बताया है। इस संबंध में रोडवेज के अधिकारी और कर्मचारी इसकी शिकायत कमिश्नर, जिलाधिकारी, संभागीय परिवहन अधिकारी से करेंगे। कर्मचारियों ने भैसाली और सोहराबगेट अड्डे के पास से किसी भी डग्गामार वाहन को नहीं चलने देने की चेतावनी दी है।
रोडवेज की कम हो रही आय को लेकर मंगलवार को रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक ने कर्मचारी संगठनों की बैठक बुलाई। जिसमें क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि रोडवेज की आय लगातार कम हो रही है। लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रतिदिन रोडवेज को प्रतिदिन 25 से 30 लाख का नुकसान हो रहा है। कांवड़ यात्रा के दौरान भी विभाग को भारी नुकसान पहुंचा है। इसकी भरपाई करने के लिए कदम उठाए जाएं।
जिस पर रोडवेज कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष भारत भूषण, मंत्री अनुज शर्मा, विरेंद्र सिंह, अमित मोतला आदि ने कहा कि मेरठ शहर से ही नहीं बल्कि पूरे जनपद में जगह जगह से डग्गामार वाहन चल रहे हैं। कुछ भैसाली और सोहराबगेट डिपो के बाहर से भी डग्गामार बस संचालित है। जिनके कारण विभाग को काफी नुकसान पहुंच रहा है। डग्गामार बसों की शिकायत अब से पहले भी कई बार की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में मेरठ से हरिद्वार के लिए डग्गामार बसों का संचालन हुआ। जिसका खामियाजा यूपी रोडवेज की बसों को भरना पड़ा है। मेरठ से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, लखनऊ के लिए डग्गामार बसें चल रही हैं। जो यात्रियों के साथ-साथ सामान की ढुलाई का काम कर रही हैं। भैसाली बस अड्डे के पास से मंडी के सामने, जीआईसी मैदान समेत अनेक स्थानों से प्रतिदिन कई दर्जन डग्गामार बसें चल रही हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अब से पहले आरटीओ से भी शिकायत की गई। सभी कर्मचारी नेताओं ने निर्णय लिया कि कर्मचारी संघ शीघ्र ही डग्गामार वाहनों का चिटठा कमिश्नर, डीएम और आरटीओ को सौंपेगा। साथ ही किसी भी डग्गामार बस को बस अड्डों के आसपास से नहीं चलने दिया जाएगा। इस दौरान पुष्पेंद्र कुमार, संजय राणा, रहीसुद्दीन, राहुल कुमार, जितेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो