तहखाने में चल रही थी फैक्टरी
- फोटो : अमर उजाला
कब्रिस्तान के पास किराये के मकान में चल रही थी फैक्टरी
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि लोहियानगर क्षेत्र से लंबे समय से शस्त्र निर्माण और तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसके बाद स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और लोहियानगर पुलिस को जांच के लिए लगाया गया।
जांच में सामने आया कि अल्लीपुर गांव में कब्रिस्तान के पास एक किराये के मकान में अवैध शस्त्र फैक्टरी संचालित की जा रही थी। यहां पिस्टल और तमंचे बनाए जाते थे। पुलिस ने असलम निवासी इस्लामाबाद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथियों उमर निवासी खतौली, इरफान निवासी मुरादाबाद, नदीम और रहीमुद्दीन निवासी अल्लीपुर के नाम बताए।
तहखाने में चल रही थी फैक्टरी
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डबल बेड के नीचे छिपा था तहखाने का रास्ता
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मकान के अंदर गुप्त तहखाना बना रखा था, जिसका रास्ता एक डबल बेड के नीचे छिपाया गया था। बाहर से देखने पर किसी को भी इसका अंदाजा नहीं होता था।
तहखाने में पूरी तरह से हथियार बनाने की फैक्टरी स्थापित थी, जहां मशीनें और उपकरण लगाए गए थे। पुलिस को यहां से .32 बोर की 8 पिस्टल मैगजीन सहित, तीन अधबनी पिस्टल, दो स्लाइड, दो बैरल, 12 मैगजीन, एक ग्राइंडर और कई अन्य उपकरण बरामद हुए।
तहखाने में चल रही थी फैक्टरी
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दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में सप्लाई
एसएसपी के अनुसार यह गिरोह वेस्ट यूपी के कई जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब तक हथियारों की सप्लाई करता था। आरोपियों ने पूछताछ में सैकड़ों पिस्टल और तमंचे बेचने की बात भी स्वीकार की है।
पुलिस ने बताया कि एक पिस्टल 35 हजार से 65 हजार रुपये तक में बेची जाती थी। फिलहाल पुलिस हथियार खरीदने वालों की पहचान करने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।